Latest news
NIT Sexual Harassment Case में प्रौफेसर डिसमिस : MBA की छात्रा ने कहा पेपर में पास करने की एवज में क... बाबा बलबीर सिंह को जत्थेदार घोषित करने वाला निहंग सिंह निकला सरकारी कर्मचारी, जल्द श्री अकाल तख्त पर... जालन्धऱ- स्कूल कीप्रार्थनासभा में गिरा छात्र, अस्पताल में हुई मौत NIA की बड़ी कार्रवाई, अमृतपाल सिंह से संबंधित 1.34 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त ! पंजाब रोडवेज कर्मियों को मिला दीवाली तोहफा हड़ताल खत्म, सरकार ने मानी यह मांग 30 हजार रिश्वत लेते वन विभाग का बड़ा अधिकारी काबू:पेड़ों की कटाई के बदले ठेकेदार से मांगा 35 हजार कमी... Punjab Police के निलंबित AIG मालविंदर की बढ़ी मुश्किले; जबरन वसूली, धोखाधड़ी और रिश्वत लेने का मामला ... जालंधर की 2 लड़कियों ने करवाई आपस में शादी : सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट पहुंची; खरड़ के गुरुद्वारा साहि... जांच में शामिल हुए नशा तस्करी केस में बर्खास्त एआईजी राजजीत, वकीलों संग पहुंचे एसटीएफ दफ्तर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुरू, दिवंगत शख्सियतों को दी गई श्रद्धांजलि, राज्यपाल ने कहा..

नवजोत सिंह सिद्धू की आज बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

रोजाना पोस्ट








Novjot Singh Sidhu Accident case अमृतसर ईस्ट से विधानसभा चुनाव हारने वाले पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। सिद्धू के खिलाफ रोडरेज मामले में आज दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सिद्धू का 1988 में पटियाला में पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 हजार का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। इसके खिलाफ पीड़ित पक्ष ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी। सिद्धू ने इसके जवाब में अपने क्रिकेट और राजनीति के अच्छे करियर का हवाला देते हुए याचिका रद्द करने की अपील की है।

जानें-कौन हैं पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के साथ कार्यकारी  अध्यक्ष बनाए गए चार चेहरे - Navjot Singh Sidhu Congress Punjab Chief  Profile of Sidhu Pawan Goel ...
याचिका के बाद नवजोत सिद्धू ने एफिडेविट दाखिल किया था कि पिछले 3 दशक में उनका राजनीतिक और खेल करियर बेदाग रहा है। राजनेता के तौर पर उन्होंने न सिर्फ अपने विस क्षेत्र अमृतसर ईस्ट बल्कि सांसद के तौर पर बेजोड़ काम किया है। उन्होंने लोगों के भले के लिए कई काम किए हैं। उनसे कोई हथियार भी बरामद नहीं हुआ और उनकी मरने वाले से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जाए। उन्हें दी गई 1 हजार जुर्माने की सजा पर्याप्त है।