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विज्ञापन माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूर्व ज्वाईट कमिशनर जय इंदर सिंह ने कायम की थी मिसाल, अब तो सिर्फ नोटिस नोटिस खेलकर ड्यूटी पूरी कर रहे अधिकारी, पिछले दो सालों दौरान विज्ञापन शाखा की मौजूदगी शहर से गायब

जालन्धर/अनिल वर्मा पंजाब सरकार द्वारा 2018 में जारी की गई विज्ञापन पालिसी के अनुसार किसी भी प्राप्टी की छत पर विज्ञापन लगाने पर पूर्णतौर पर पाबंदी लगा दी गई थी मगर पालिली को अमलीजामा पहनाने के लिए जिम्मेदार अफसर ही अपनी ड्यूटी ईमानदारी से नहीं कर रहे लिहाजा शहर की 100 से ज्यादा प्राप्टियों की छतों पर बड़े बड़े विज्ञापन के स्ट्रक्टर लगे हुए है जिनपर धड़ल्ले से बड़ी बड़ी कंपनिया अपनी मुफ्त में ऐड कर रही हैं मगर नगर निगम की विज्ञापन शाखा का चार्ज संभाल रही डा. शिखा भगत इस मामले को संगीनता से नहीं ले रही जिस कारण नगर निगम का हर महीने लाखों रुपयों का राजस्व चोरी हो रहा है उधर विज्ञापन शाखा के अधिकारी भी खानापूर्ति करने के लिए हर महीने हजारों नोटिस जारी कर रहे हैं मगर किसी भी एक नोटिस का संज्ञान नहीं लिया जा रहा और न ही कोई भी स्ट्रक्टर छत से हटाया जा रहा है।








विभिन्न मामलों में नगर निगम की कार्यशैली से जनता परेशान है और जमीनी सुविधाएं न मिलने पर कमिशनर तथा ज्वाईट कमिशनर के खिलाफ उनका गुस्सा फूटना भी जायज है। पूर्व ज्वाईट कमिशनर जय इंदर सिंह के जालन्धर नगर निगम के कार्यकाल को सदैव सराहा जाएगा कि उन्होने अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से निभाया और शहर सें विज्ञापन माफिया की कमर तोड़ दी थी और बिना मंजूरी विज्ञापन लगाने वालों के निजीतौर पर निगम दफ्तर तलब किया जाता था और मौके पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना ठोका जाता था जिससे नगर निगम के खजाने में रिकार्डतौड़ बढ़ौतरी दर्ज की गई थी मगर उनके बाद किसी भी अधिकारी ने विज्ञापन शाखा की ओर ध्यान नहीं दिया और न ही कोई सुधार किया यही कारण है कि शहर में धड़ल्ले से अवैध विज्ञापन का काला बाजार अधिकारियों की नायालकी से फल फूल रहा है। पिछले करीब एक साल से विज्ञापन शाखा का कार्यभार एडिशनल कमिशनर शिखा भगत के पास है।

चुनमुन चौंक के समीप बनी नई बिल्डिंग की छत पर ट्रैवल एजैंट AK Study Visa के मालिक की ओर से छत पर बड़ा स्ट्रक्चर लगाया गया है जिसपर कंपनी की एड लगाई गई है इस संबंधि विज्ञापन शाखा की ओर से नगर निगम एक्ट 1976 की धारा 123 के तहत नोटिस जारी किया गया था मगर इसके बावजूद न तो विज्ञापन बोर्ड हटाया गया और न ही निगम को ज्वाब भेजा गया अब निगम की ओर से तीसरी एवं अंतिम बार नोटिस जारी किया गया है निगम के सुपरीडैंट मनदीप सिंह ने कहा कि अगर अब भी बोर्ड हटाया नहीं गया तो सख्त कानूनी की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।