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जालन्धर-मंडी फैंटनगंज में बनी दो बड़ी नाजायज इमारतों के खिलाफ कारवाई न करने वाले 7 अधिकारियों के खिलाफ सीएम आफिस पहुंची शिकायत,पढ़े कौन कौन है जिम्मेदार

अनिल वर्मा








मंडी फैंटनगंज रोड पर स्थित दो बड़ी अवैध इमारतों के मामले में बिल्डिंग विभाग के मौजूदा तथा पूर्व एटीपी, बिल्डिंग इंस्पैक्टरों के खिलाफ लोकल बॉडी विभाग को शिकायत पहुंची है कि बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों की क्रप्ट प्रैक्टिस की वजह से सरकार के खजाने को लाखों रुपये का रैवन्यू लॉस हो रहा है। इनमें से एक इमारत मंडी फैंटनगंज के रिहायशी इलाके में जिंदल इंजीनियर कार्पोरेशन तथा दूसरी इमारत लक्ष्मी सिनेमा के पास शिव मंदिर वाली गली में है यह दोनो इमारते मौके पर तीन मंजिला तक पहुंच चुकी है मगर पूर्व बिल्डिंग इंस्पैकटर हरप्रीत कौर तथा राजिंदर शर्मा(पूर्व एटीपी) ने  अपने कार्यकाल दौरान दोनो इमारतों का काम नहीं रुकवाया और न ही जरूरी कारवाई की । लिहाजा यह दोनो अवैध निर्माण ग्राउंड फ्लोर से शुरु होकर तीन मंजिला तक पहुंच गए। शातिर अफसरों ने अपनी स्किन सेव करने के लिए दोनो इमारतों का रिहायशी नक्शा पास कर दिया मगर मौके पर चल रहे कोराबारी निर्माण को चैक नहीं किया देखते ही देखते यह दोनो इमारतें कारोबारी इस्तेमाल के लिए खड़ी हो गई। इनमें से जिंदल इंजीनियर कार्पोरेशन को बिल्डिंग विभाग ने खानापूर्ति करने के लिए कागजों में सील कर दिया मगर मौके पर दुकान पर कोई सील नहीं लगी इस मामले की कई शिकायतें निगम कमिशनर दविंदर सिंह के पास पहुंची मगर उन्होने ने भी मामले को दबाए रखा। 

दूसरे मामले में भी बिल्डिंग विभाग ने रिहायशी नक्शा पास कर यहां कारोबारी निर्माण करवाया और बिल्डिंग इंस्पैक्टर ने कंस्ट्रक्टर को कोई नोटिस जारी नहीं किया पूर्व अधिकारियों की क्रप्ट प्रैक्टिस के खिलाफ डायरैक्टर लोकल बॉडी विभाग को लंबी चौड़ी शिकायत भेजी गई जिसमें कई वीडियो तथा अन्य सबूत भेजे गए जिससे यह साबित हो रहा है कि यह निर्माण साल 2021-22 में हुआ। पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा ने कहा कि उन्होने दोनो के नक्शे रिहायशी पास किए थे जिसमें से कविता जिंदल के नाम से जुलाई 2021 में नक्शा पास किया गया मगर निर्माण कारोबारी हो गया था जिसके बाद इमारत को सील कर दिया गया था और बाद में सील तोड़ने के चलते प्राप्टी मालिक कविता जिंदल पत्नी मुनीश जिंदल बाबा गुरदास मल वाली गली, मंडी रोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस कमिशनर को पत्र भेजा गया था। दूसरे मामले में भी कंस्ट्रक्टर को नोटिस जारी किया गया था मगर बाद में सैक्टर का चार्ज सुखदेव वशिष्ट को सौंपा गया अगली कारवाई उन्होने करनी थी। बता दें कि सुखदेव वशिष्ट को इस सैक्टर का चार्ज सौंपे करीब एक महीना बीत चुका है और उन्होने दोनो अवैध निर्माणों का दो-दो बार दौरा किया और पैमाईश भी की मगर इस मामले की रिपोर्ट अभी तक ज्वाईट कमिशनर शिखा भगत को नहीं सौंपी गई। सूत्रों अनुसार इस मामले में पहले की तरह मौजूदा अधिकारी भी क्रप्ट प्रैक्टिस कर रहे हैं और दोनो अवैध निर्माणों को खुलकर संरक्षण दे रहे हैं।

मिली जानकारी अनुसार सीएम आफिस ने इस मामले में लोकल बॉडी विभाग के डायरैक्टर को मामले की जांच सौंपी है तथा रिपोर्ट सीएम आफिस भेजने के लिए कहा है। इस शिकायत को एक महीना पहले सीएम आफिस भेजा गया था मगर कोई कारवाई न होते देख अब शिकायतकर्ता ने निगम के चार मौजूदा तथा तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कारवाई करने के लिए सीएम को रिव्यू रिमाइंडर भेजा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह इस मामले में जल्द ही अदालत में केस दायर करने की तैयारी कर रहे हैं जिसमें जिम्मेदार अफसरों को पार्टी बनाया जाएगा और सरकार का नुक्सान करने वाले प्राप्टी मालिकों के खिलाफ भी कारवाई करवाई जाएगी।