Exposed : नगर निगम के किस शातिर अफसर ने लगाया लाखों रूपयों की दाल को तड़का ?

5 मंजिली तीन बड़े प्रोजेक्टों के बदले 15 लाख रिश्वत लेने की चर्चा, मामले में कुछ व्हाईट कॉलरों के नाम भी शामिल…पढ़े पूरी रिपोर्ट…

(अनिल वर्मा)

नगर निगम के बिल्डिंग विभाग का एक शातिर इंस्पेक्टर इन दिनों लाखों रुपए की रिश्वत के मामले में खूब चर्चा में है। इस बिल्डिंग इंस्पेक्टर के इलाके में किसी भी गरीब को अपने मकान की छत डालने का अधिकार नहीं है मगर किसी करोड़पति पार्टी ने अगर पांच मंजिली तक शोरूम या वेयरहाउस बनाने हो तो शातिर बिल्डिंग इंस्पेक्टर निगर निगम को चकमा देकर पार्टी के साथ खुद ही लाखों रुपयों की डील कर लेता है डील की रकम तीन हिस्सों में लिए जाने की सूचना है । जिसमे नगर निगम की हर कानूनी कार्रवाई से पार्टी को बचाना भी शामिल है।

ताज़ा मामला होशियारपुर रोड का है जहां एक दाल कारोबारी ने अपनी पुरानी फेक्टरी के पीछे तीन बड़े बड़े वेयरहाउस बनाने का काम युद्धस्तर पर चालू किया हुआ है जोकि पाँच मंजिल तक पहुंच चुका है। जानकारी अनुसार फेक्टरी मालिक ने अपनी फेक्ट्री के पीछे खेतीबाड़ी वाली जमीन खरीद कर यहाँ तीन बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हर प्रोजेक्ट की ऊंचाई पांच मंजिला बताई जा रही है। ये सभी प्रोजेक्ट पिछले छः महीने से निर्विघ्न चल रहे है और मार्च महीने में लगे लॉक्डॉउन दौरान इन तीनो प्रोजेक्ट्स ने असली रफ्तार पकड़ी। बताया जा रहा है कि इन तीनो ईमारतों को पूरा करने के लिए हर इमारत में 100-100 मजदूर व मिस्त्री लगाए गए। इनमे से दो इमारतों को पुराना दिखाने के लिए इनपर पुराना रंग भी किया जा रहा है।

यह बिल्डिंग विभाग का सेक्टर 3 है तथा यह सेक्टर पिछले कई सालों से बिल्डिंग इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के पास ही इसरहा है तथा नीरज शर्मा के इस इलाके के ज्यादातर बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी तथा कॉलोनाइजरों के साथ नजदीकी रिश्ते है जो कि अक्सर ही नाजायज कॉलोनीया तथा नाजायज ईमारते बनाकर अपना कारोबार करते हैं। जिस वजह से अक्सर वह कई मामलों में चर्चा का विषय बने रहते हैं। जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही होती। मगर पिछले करीब एक डेढ़ महीने से इस सेक्टर का चार्ज नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर किरणदीप संभाल रहे हैं जोकि जालन्धर में पहली बार आये हैं।

 

बता दे कि यह तीनों प्रोजेक्ट नगर निगम से बिना नक्शा पास करवाए सेटिंग से ही शुरू किए गए हैं तथा इन में से किसी भी प्रोजेक्ट को रुकवाने के लिए तत्कालीन बिल्डिंग इंसपेक्टर द्वारा एक बार भी नोटिस जारी नहीं किया गया जोकि लाखों रुपयों की रिश्वतखोरी की बात को कहीं ना कहीं सच साबित करता दिखाई दे रहा है।

 

सूत्रों अनुसार इन तीनों प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाने के बदले प्रापटी मालिक से 15 लाख की रिश्वत लेने की बात कही जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार यहां दाल बैंक बनाए जा रहे हैं जहां मंडियों के कई कारोबारियों द्वारा खरीदी गई दालों को भारी मात्रा में यहां स्टोर किया जाएगा।

 

आने वाले दिनों में इस मामले में जालंधर के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि द्वारा चंडीगड़ स्थित लोकल बॉडी विभाग में इस मामले से जुड़े सबूत पेश करने की सूचना है जिसमे कुछ व्हाइट कॉलर अफसर भी लपेटे में आ सकते है। फिलहाल नगर निगम के अफसर इस मामले को दबाने की हर कोशिश कर रहे है तांकि नोकरी से हाथ न धोना पड़ जाए। मगर रोज़ाना पोस्ट शीघ्र ही इस पूरे मामले में बड़ा खुलासा करेगा।