नवजोत सिंह सिद्धू के करीबियों पर विजिलेंस ने कसा शिकंजा


अपने नए विभाग की जिम्मेदारी नहीं संभाल रहे पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनके करीबियों की परेशानी बढ़ने जा रही है। विजिलेंस ब्यूरो ने उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ब्यूरो ने जीरकपुर नगर कौंसिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में घोर अनियमितता की शिकायत पर काम करना शुरू कर दिया है। विजिलेंस ब्यूरो प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में सिद्धू के ओएसडी बन्नी संधू की भूमिका तलाश रहा है। 

विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को जीरकरपुर नगर काउंसिल के दफ्तर में छापेमारी की थी। ब्यूरो के एआइजी आशीष कपूर ने जीरकपुर नगर कौंसिल के दफ्तर में ईओ गिरीश वर्मा के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे मैसेज हासिल किए जो उन्हें स्थानीय निकाय विभाग की ओर से किए गए थे।

ब्यूरो, वर्मा से यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह मैसेज किसने और क्यों किए हैं। ब्यूरो ने कुछ प्रोजेक्टों की फाइल कब्जे में ली है और उनकी विशेषज्ञों द्वारा पड़ताल चल रही है। इस मामले को ब्यूरो कितनी गंभीरता से देख रहा है, इसका अंदाजा इसी से चलता है कि रविवार को अवकाश वाले दिन भी ब्यूरो के अधिकारी फाइलों की पड़ताल में जुटे रहे।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक जीरकपुर नगर कौंसिल के ईओ गिरीश वर्मा कौंसिल में मनमाने तरीके से कामकाज कर रहे थे। सिविल कार्यों का अलाटमेंट अपनी मनमर्जी से कर रहे थे। कुछ पार्षदों ने भी ब्यूरो के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। रेड के दौरान एआइजी आशीष कपूर ने ईओ वर्मा से कई घंटे तक पूछताछ की और इसके बाद कौंसिल के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज वह अपने साथ ले गए। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि सिद्धू का निजी स्टाफ नगर कौंसिलों, यहां तक कि स्थानीय निकाय विभाग में अधिकारियों और क्लर्कों की तैनाती में पूरा दखल रखता था।

ठेकेदारों से भी हो सकती है पूछताछ

माना जा रहा है कि आने वाले एक-दो दिनों में विजिलेंस ब्यूरो कुछेक ऐसे ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकता है जोकि सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर के काफी करीबी हैं। ब्यूरो की गति से स्पष्ट है कि आने वाले समय में सिद्धू की परेशानी बढ़ सकती है।

अभी जांच चल रही है : एआइजी

विजिलेंस अधिकारी इस संबंध में फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। एआइजी आशीष कपूर इतना ही कहते हैं कि अभी जांच चल रही है।

कैप्टन अमरिंदर से है सिद्धू का मतभेद

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच काफी समय से मतभेद चल रहा है। यह मतभेद बीते लोकसभा चुनाव के दौरान ज्यादा बढ़ गया। सिद्धू ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामलों में कार्रवाई न होने को लेकर बठिंडा रैली में कैप्टन पर निशाना साधा था और कहा था कि मिलीभगत करने वालों को भी ठोक दो। चुनाव नतीजे आने के बाद कैप्टन ने सिद्धू का विभाग बदल दिया, लेकिन अब तक सिद्धू ने नए विभाग का कामकाज नहीं संभाला है।