जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बनी सैंटर गर्वनमैंट की जमीन, कोटला में अभी भी तीन ग्रुप धडल्ले से काट रहे हैं नाजायज कालोनियां..

  • एक महीने के बाद डीसी भेजेंगे सरकार को जांच रिपोर्ट
  • जिला प्रशासन की नीयत के आधार पर तय होगी अगली रणनीति-सहगल

अनिल वर्मा
लंमा पिंड के नजदीक गांव शेखे कोटला में स्थित सैंटर गर्वनमैंट की जमीन पर हुए कब्जे का मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है इस मामले में जिला राजस्व विभाग की कथित मिलीभगत सहित भूमाफियाओं की शिकायतें पंजाब सरकार तक पहुंची जिसके बाद हरकत में आई सरकार ने इस मामले जिला डिप्टी कमिशनर घनश्याम धौरी को उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर एक महीनें में जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए गए हैं। शिकायतकर्ता संजय सहगल ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा कि जालन्धर के नंगल सलेमपुर, कोटला, शेखे, कंगनीवाल, जैतेवाली, मुबारकपुर, ढ्डा, चक्क हुसैन तथा बस्तियों में भूमाफिया से जुड़े कई बड़े ग्रुप सैंटर गर्वनमैंट की जमीनों पर नाजायज कब्जा करके वहां कालोनियां काट कर बेच रहे हैं इस घोटाले को छुपाने के लिए भूमाफिया प्लाटों को बेचने के लिए साधारण पेपर पर ग्राहक के साथ एग्रीमैंट करते हैं।

कोटला रोड पर बीते दिनों एसडीएम-1 जयइंदर सिंह के आदेशों के बाद राजस्व विभाग ने यहां चेतावनी बोर्ड लगाया था मगर कोटला की जमीन पर चार ग्रुपों का कब्जा है इनमें से सिर्फ एक ग्रुप का काम ही बंद करवाया गया मगर बाकी तीन ग्रुप अभी भी यहां धड़ल्ले से कालोनियां काट कर बेच रहे हैं मगर यहां पर राजस्व विभाग कोई कारवाई नहीं कर रहा। सूत्रों की माने तो यहां कालोनी काटने वालों के साथ मोटी डील हुई है जिसके बाद इन तीनो ग्रुपों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं की जा रही। इस मामले में एसआईटी जल्द ही उस शख्स तक पहुंच सकती है जिसने यहां पर कालोनियां काट रहे लोगों से लाखों रुपये वसूले थे।

Sanjay Sehgal Archives ~ समाचार आजतकशिकायतकर्ता संजय सहगल ने कहा कि कालोनियां कटने के बाद धीरे धीरे जब आबादी बस जाती है तो वहां नगर निगम, बिजली विभाग यहां बिना दस्तावेज जांचे सरकारी सुविधाएं दे रहे हैं जिससे नगर निगम में टैक्स जमा करवा रहे लोगों के साथ धौखा है। नगर निगम अभी तक उन आबादियों में पूरी सुविधाएं नहीं दे पा रही जहां लोग सरकार को हर तरह का टैक्स अदा कर रहे हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता संजय सहगल ने सरकार से मांग की है कि राजस्व विभाग के साथ साथ नगर निगम तथा बिजली विभाग के अफसरों की मिलीभगत की भी जांच की जाए आखिर कैसे यहां पानी, सीवरेज, सडक़ें, बिजली पहुंची।

सहगल ने कहा कि एक महीने बाद जो भी रिपोर्ट सरकार को पहुंचेगी उसके बाद तय किया जाएगा कि जिला प्रशासन की भूमाफियाओं के खिलाफ कारवाई करने की क्या नीयत है अगर नीयत में बेईमानी हुई तो इस मामले में माननीय हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।