बिल्डिंग विभाग की एडहॉक कमेटी ने पकड़ा कालोनाइजरों और ड्राइंग ब्रांच का नैक्सस, कई सालों से लगाया जा रहा था सरकार को करोडों का रगड़ा..

अब कॉलोनाइजरों सहित ड्राइंग ब्रांच के ड्राफ्ट्समैन पर गिर सकती है गाज..

अनिल वर्मा

कॉलोनाइजर का दाहिना हाथ माने जाने वाली नगर निगम की ड्रॉइंग शाखा की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं आज एडहॉक कमेटी द्वारा बिल्डिंग विभाग के साथ बैठक दौरान कई कॉलोनाइजर के बहीखाते खोले गए जिसमें कॉलोनाइजर की तरफ नगर निगम का लगभग सवा तीन करोड़ रुपये बकाया है मगर इन फाइलों को ड्राइंग विभाग द्वारा पिछले कई सालों से दबाकर रखा गया था।

जानकारी अनुसार वर्ष 2018 में आई रेगुलराइजेशन पॉलिसी के अधीन कई कॉलोनाइजरों ने अपनी कॉलोनी पास करवाने के लिए फाइलें जमा करवाई जिसमें कॉलोनी की कुल फीस का 10 फ़ीसदी हिस्सा जमा कर कॉलोनियों को मंजूरशुदा बता कर बेचा गया था मगर बाकी की 90 फीसदी रकम जमा नही करवाई जा रही थी।

बैठक दौरान कमेटी के चेयरमैन निर्मल सिंह निम्मा की सख्ती के बाद खुलासा हुआ कि सलेमपुर मुसलमाना में एक कालोनाईजर ने फ़ाइल में कालोनी का रकबा 8 किल्ले बताया जबकि मोके पर यह कॉलोनी 80 किल्ले में फ़ैल चुकी है। यहां तेजी प्लाट बेचे गए मगर पिछले दो सालों दौरान नगर निगम की ड्राईंग शाखा की लापरवाही के कारण नगर निगम के खजाने में कोई पैसा जमा नही हुआ और न ही कॉलोनाइजरों खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।

इसी तरह की कुल 26 कॉलोनियों की फाइलें कमेटी ने तलब कर ली है। आने वाले दिनों में एडहॉक कमेटी के मेम्बर स्पॉट विज़िट करेंगे जिनके साथ ओएंडएम विभाग की टीम भी होगी। जोकि इन कॉलोनियों के सीवरेज और पानी के कनेक्शनो की जांच करेगी और डिफाल्टर होने पर मोके पर ही कनेक्शन काटे जाएंगे।


दूसरी औऱ सभी बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को एक सप्ताह की मोहलत दी गयी है कि अपने इलाके में चल रहे हर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करे वरना शिकायत आने पर बिल्डिंग के साथ साथ सम्बंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कारवाई की जाएगी।इस बैठक दौरान सब कमेटी के चेयरमैन निर्मल सिंह निम्मा, पार्षद सुशील कालिया, जॉइंट कमिश्नर हरचरण सिंह, एमटीपी परमपाल सहित अभी बिल्डिंग इस्पेक्टर व ड्राफ्ट्समैन उपस्थित थे।