तहसील का सेवा केंन्द्र बन सकता है कोरोना का हॉटस्पॉट, एंट्री पर ही लापरवाही शुरु.. अंदर हालात बेकाबू..

जालन्धर अनिल वर्मा

कोरोना महामारी के कारण पूरे पंजाब में हालात नाजुक बने हुए हैं जिस पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा गाईडलाईन जारी की जा रही हैं। मगर इन गाईडलाईंनस की सरकारी दफ्तरों में लोग जम कर धज्जियां उड़ा रहे हैं जिन्हे रोकने वाला स्टाफ अब थका हुआ नजर आ रहा है। ऐसा ही मामला तहसील के सेवा केन्द्र में देखने को मिला जहां प्रवेश द्वारा पर चार सिक्यिोरिटी गार्ड तो बैठें हैं मगर इनमें से कोई भी सेवा केन्द्र में दाखिल होने वाले व्यक्ति को न तो सैनिटाईजर करता है और न ही किसी का बुखार चैक किया जाता है।

अंदर हालात इससे भी ज्यादा खतरनाक हैं लोग कूपन लेने के बावजूद सीटों पर नहीं बैठते बल्कि वहां खिडक़ी के आसपास बिना सोशल डिस्टैंस का पालन किए खड़े रहते हैें जिससे संक्रमण का खतरा यहां सबसे अधिक बना हुआ है।

इस मामले में सिक्यिोरिटी गार्ड ने बताया कि सुबह हैल्थ विभाग की ओर से दो लोग आतें हैं जोकि लोगों का बुखार चैक करते हैं बाद में वह चले जाते हंैं और दोपहर के बाद किसी का भी बुखार चैक नहीं किया जाता और न ही सैनिटाईजर किया जाता है।

मकसूदां से आए एक बुर्जुग व्यक्ति ने कहा कि उसने 2 महीने पहले अपना जाति का सर्टिफिकेट बनने के लिए दिया था जिसे लेेने के लिए वह चार बार चक्कर काट चुका है हर बार साईट डाऊन का बहाना लगाया जाता है और दो बार तो अंदर भीड़ देखकर ही वापिस लौटना पड़ा था।

बतां दें कि इस सेवा केन्द्र में हररोज औसतन 400 से 500 लोग किसी ने किसी काम से आते हैं जिनके साथ एक रिश्तेदार या सहयोगी होता है। इतनी बड़ी गिनती में लोगों के आने के बावजूद इस दफ्तर को सैनिटाईज नहीं किया जाता जोकि प्रशासन की बहुत बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरुरत है।