School में कारोबारी के बेटे को रातभर कुर्सी से बांधा, धक्का देकर तोड़ी टांग

मुंडियां रोड स्थित जीके एस्टेट में प्राइवेट स्कूल में शिक्षकों ने मारपीट कर कारोबारी के दिव्यांग बच्चे की टांग तोड़ दी। उसके घर फोन कर बताया कि गिरने से वह चोटिल हो गया है। बच्चे को सीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां पर डॉक्टरों द्वारा पिटाई की आशंका जाहिर करने के बाद परिवार हरकत में आया। सीसीटीवी की फुटेज से पता चला है कि उसे रातभर कुर्सी पर बांधकर रखा गया और पीटा गया। पुलिस ने स्कूल संचालक और केयर टेकर को गिरफ्तार कर लिया है।

बच्चे के पिता हौजरी कारोबारी गुरमीत सिंह निवासी न्यू शिवाजी नगर ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा 18 साल का है। वह बोल नहीं पाता और सही ढंग से चल भी नहीं सकता, इसलिए उन्होंने उसे मुंडियां के पास स्थित जीके एस्टेट के समर्पण स्पेशल स्कूल में दाखिल करवाया था। उसके रख रखाव के बदले में उनसे सात हजार रुपये हर माह लिया जाता था।

29 जुलाई को उन्हें स्कूल के कर्मचारी ने फोन किया कि बच्चे की गिरने से टांग टूट गई है। वह स्कूल पहुंचे और बच्चे को क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया। डॉक्टरों ने आशंका जाहिर की कि बच्चे के साथ मारपीट हुई है। इसके बाद परिजन जांच करने अपने कुछ जानकारों के साथ स्कूल पहुंचे। वहां स्टाफ पहले तो उन्हें कुछ बताने को ही तैयार नहीं था। दबाव डाला तो सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए तो उनके पांव तले से जमीन खिसक गई।

पुलिस ने नहीं की सुनवाई, उल्टा पीडि़त को धमकाया

भारतीय जनता पार्टी के वार्ड 55 से प्रभारी गौरवजीत सिंह गोरा ने बताया कि पहले तो बच्चे के पिता पुलिस से शिकायत करने गए तो उल्टा उन्हें ही धमकाया जाने लगा। पुलिस के अधिकारी आरोपित का पक्ष लेते हुए उन्हें कह रहे थे कि क्रॉस केस दर्ज होगा, मगर जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी व अन्य नेता थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी सुनवाई की।

सरकारी टीचर चला रहा था प्राइवेट स्कूल

पुलिस की ओर से नामजद स्कूल संचालक गुलशन कुमार खुद माछीवाड़ा के एक सरकारी स्कूल में टीचर है और उसने जीके एस्टेट में 100 गज की जगह में इमारत में यह स्कूल बनाया हुआ था। इसमें 30 से 35 बच्चे रखे हैं। वह अभिभावकों से माह के दस से 15 हजार रुपये लेता था। स्कूल में मूक बधिर व दिव्यांग बच्चों की परवरिश की जाती है।

धमकाने जैसी कोई बात नहीं

जमालपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह का कहना है कि उनके पास शिकायत आई है। मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दो आरोपितों गुलशन कुमार और मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा पीड़ित को धमकाने जैसी कोई बात नहीं है।