संजय कराटे के मालिक द्वारा की 4.5 करोड़ की ठगी में राजीनामे की उम्मीद जगी, 24 अगस्त तक टली गिरफ्तारी

हाईकोर्ट ने दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सुखविंदर सिंह बाजवा से 4.50 करोड़ की ठगी करने से आरोप से घिरे संजय कराटे के मालिक संजय शर्मा की गिरफ्तारी पर 24 अगस्त तक रोक लगा दी है। केस में फरार चल रहे संजय शर्मा ने हाईकोर्ट में एंटीसिपेट्री बेल लगाई थी, जो रिजेक्ट हो गई थी। हाईकोर्ट में शिकायककर्ता की ओर से पेश हुए एडवोकेट ने कहा कि शिकायतकर्ता सेल डीड करवाने के लिए तैयार है या फिर जो रकम उसने संजय शर्मा को दी थी, वह रकम संजय शर्मा हर्जाने के साथ लौटा दे।

जैसा कि पहले पंचायत में तय हुआ था। इस पर संजय शर्मा के एडवोकेट ने कहा वह अपनी पार्टी से पूछ कर यह बताएगा। दोनों पक्षों के एडवोकेट ने यह कहा कि इस केस में राजीनामे की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने कहा कि मध्यस्थता के जरिए राजीनामा हो सकता है। हाईकोर्ट ने संजय शर्मा की गिरफ्तारी पर 24 अगस्त तक रोक लगा दी है। सुनवाई की प्रक्रिया वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। बता दें कि 10 जुलाई को थाना 6 में मॉडल टाउन स्थित संजय कराटे के मालिक संजय शर्मा पर 4.50 करोड़ रुपए की ठगी का पर्चा दर्ज किया गया था। दिल्ली के लाॅजिस्टिक ट्रांसपोर्टर सुखविंदर सिंह बाजवा ने संजय शर्मा पर आरोप लगाया था कि संजय ने उन्हें दिसंबर 2018 में करीब 16 मरले जमीन का करीब सात करोड़ का सौदा किया था।

शहर के नामी लोगों के बीच प्रॉपटी की बातचीत हुई थी और उन्हीं के सामने पैसे का लेन-देन भी हुआ था। इसमें उन्होंने थोड़े-थोड़े करके सारे पैसे उन्हें दे दिए थे। उन्होंने बताया कि करीब 2.75 करोड़ रुपए कैश और करीब 1.75 करोड़ रुपए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद भी न तो प्रॉपर्टी उनके नाम की गई और न ही पैसे वापस किए। आरोप था कि संजय कोठी की रजिस्ट्री करवाने के समय तहसील में नहीं आए थे। उन्होंने मामले की शिकायत सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को दी थी। एसीपी बिमल कांत ने सुखविंदर से पैसों की सारी लिखित पढ़त अपने कब्जे में ली और मामले की जांच की गई। जांच में पुलिस ने संजय कराटे के मालिक को आरोपी पाया। थाना-6 में शुक्रवार को देर रात आईपीसी की धारा 406, 420 और 506 मामला दर्ज कर लिया।