Latest news

पंजाबः छात्रों का आंदोलन हुआ तेज, 700 विद्यार्थियों ने किया परीक्षा का बहिष्कार



Rajiv Gandhi National University Of Law Students Boycott Exam

पटियाला के गांव सिद्धूवाल स्थित राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की मांगों को लेकर शुक्रवार रात से शुरू हुई हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। आंदोलन को तेज करते हुए लॉ यूनिवर्सिटी के बीए एलएलबी प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के 700 विद्यार्थियों ने मिड सेमेस्टर की सोमवार को होने वाली पहली परीक्षा का बायकाट कर दिया। केवल पांचवें साल के विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी ताकि उनका साल खराब न हो। 

सोमवार को भी सारा दिन विद्यार्थी कैंपस में धरने पर बैठे रहे। अनुमान था कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जो लॉ यूनिवर्सिटी के चांसलर भी है, सोमवार को आंदोलनकारी स्टूडेंट्स से मिलने पहुंचेंगे लेकिन वह नहीं आए। इससे स्टूडेंट्स रोष में हैं। उनका आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उन पर हड़ताल खत्म करने का दबाव बना रहा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी ये आंदोलन जारी रहेगा।

शुक्रवार रात करीब 9 बजे लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी उस समय धरने पर बैठे थे जब हॉस्टल की मेस में घटिया क्वालिटी का खाना मिलने का विरोध करने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छह छात्रों को सस्पेंड कर दिया था। इन्हें यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया गया। छात्रों को यूनिवर्सिटी के नजदीक ढाबे पर बैठे रहना पड़ा था। तब से छात्रों का आंदोलन दिन-रात जारी है। रात को भी छात्र कैंपस में सो रहे हैं।

रविवार को वीसी डॉ. परमजीत सिंह जसवाल के साथ छात्रों की मीटिंग में भी मांगों को लेकर कोई नतीजा नहीं निकल पाया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के न आने से आंदोलनकारी छात्रों में रोष बढ़ गया। बीए एलएलबी पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे साल के करीब 700 छात्र ने सोमवार को मिड सेमेस्टर के पहले एग्जाम का बहिष्कार किया। इनमें से करीब 50 फीसदी लड़कियां शामिल रहीं। पांचवें साल के जो विद्यार्थी एग्जाम देने गए, वह रोष स्वरूप काले कपड़े पहनकर और काले बैच लगाकर गए। 

जल्द मांगों का हल न हुआ तो सभी एग्जाम का होगा बष्हिकार
इस मौके पर आंदोलनकारी स्टूडेंट्स ने साफ किया कि अगर चांसलर ने उनसे मिलकर मांगों को लेकर कोई ठोस हल न निकाला, तो वह सारे एग्जाम का बष्हिकार करेंगे। बताया कि मंगलवार को भी एग्जाम हैं। एक हफ्ते तक लगातार एग्जाम होने हैं,, इन सभी का बष्हिकार किया जाएगा।

यूनिवर्सिटी में छुट्टी घोषित की गई, तो भी घर नहीं जाएंगे 
स्टूडेंट्स ने बताया कि जानकारी के मुताबिक मैनेजमेंट को यूनिवर्सिटी की एलुमनी कमेटी ने छुट्टियां करने की सलाह दी है, ताकि स्टूडेंट्स हड़ताल वगैरह भूलकर घरों को चले जाएं लेकिन ऐसा नहीं होगा। इस बार वह किसी भी कीमत पर मांगों को लेकर नरम रुख नहीं अपनाएंगे। स्टूडेंट्स काफी देर से यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की गलतियां और गलत रवैया सह रहे हैं। अब और नहीं।

हास्टल की मेस में बेहद घटिया खाना मिलता है। जब विद्यार्थी डेढ़ लाख रुपये प्रति सेमेस्टर की फीस भरते हैं तो खराब खाना क्यों खाए। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।   

यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी एसपी सिंह का व्यवहार विद्यार्थियों के प्रति गलत है। वे गालियां निकालते हैं। इस अधिकारी को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।

सस्पेंड किए सभी छात्रों की बहाली का लिखित में आदेश जारी हो। मुंह जुबानी कहने से बात नहीं बनेगी।
लड़के-लड़कियों के हॉस्टल का समय बराबर किया जाए। लड़के रात को एक बजे तक लाइब्रेरी में बैठ कर पढ़ सकते हैं, जबकि लड़कियों को आठ बजे ही हॉस्टल भेज दिया जाता है। 

रजिस्ट्रार डॉ. नरेश कुमार ने छात्रों से अपील की है कि वह धरना समाप्त करके बैठकर सभी मुद्दों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात करें। साथ ही उन्होंने मेस में घटिया क्वालिटी का खाना मिलने की बात से इनकार किया। कहा कि उक्त अधिकारी को छुट्टी पर भेजा गया है। मामले में जांच होगी और दोनों पक्षों को सुनकर आगे का फैसला लिया जाएगा।

पटियाला के गांव सिद्धूवाल स्थित राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की मांगों को लेकर शुक्रवार रात से शुरू हुई हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। आंदोलन को तेज करते हुए लॉ यूनिवर्सिटी के बीए एलएलबी प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के 700 विद्यार्थियों ने मिड सेमेस्टर की सोमवार को होने वाली पहली परीक्षा का बायकाट कर दिया। केवल पांचवें साल के विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी ताकि उनका साल खराब न हो। 

सोमवार को भी सारा दिन विद्यार्थी कैंपस में धरने पर बैठे रहे। अनुमान था कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जो लॉ यूनिवर्सिटी के चांसलर भी है, सोमवार को आंदोलनकारी स्टूडेंट्स से मिलने पहुंचेंगे लेकिन वह नहीं आए। इससे स्टूडेंट्स रोष में हैं। उनका आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उन पर हड़ताल खत्म करने का दबाव बना रहा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी ये आंदोलन जारी रहेगा।

शुक्रवार रात करीब 9 बजे लॉ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी उस समय धरने पर बैठे थे जब हॉस्टल की मेस में घटिया क्वालिटी का खाना मिलने का विरोध करने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छह छात्रों को सस्पेंड कर दिया था। इन्हें यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया गया। छात्रों को यूनिवर्सिटी के नजदीक ढाबे पर बैठे रहना पड़ा था। तब से छात्रों का आंदोलन दिन-रात जारी है। रात को भी छात्र कैंपस में सो रहे हैं।

Source link