पंजाब सरकार की ‘सुविधा’ से नाखुश निजी बस ऑपरेटर…पढ़े

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पंजाब सरकार की सरकारी बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा सुविधा देने की घोषणा निजी बस आपरेटर्स के लिए घातक साबित होगी। प्रतिमाह टैक्स की अदायगी कर पाने में खुद को असमर्थ पा रहे निजी बस आपरेटरों का कहना है कि 83 रुपए प्रति लीटर की दर पर डीजल खरीद रहे बस आपरेटर सरकार का यह फैसला लागू होने के बाद बसों को चला पाने में असमर्थ होंगे। वजह यह है कि महिला यात्री तो सरकारी बसों में ही सफर करने को पहल देंगी, लेकिन उनके साथ सफर करने वाले पुरुष परिजन भी सरकारी बसों में ही यात्रा करेंगे। सरकार ने तो महिला यात्रियों को निशुल्क यात्रा करवाने के लिए रोडवेज को 170 करोड़ रुपये का फंड रखने की घोषणा की है, लेकिन निजी बस आपरेटरों के लिए तो कोई राहत नहीं दी गई है।

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गगनदीप बस सर्विस के संचालक संदीप शर्मा ने कहा है कि निजी बस आपरेटर तो कोरोना काल के चलते पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी दस बसों का ही सवा दो लाख रुपये प्रति महीने टैक्स बनता है, लेकिन डीजल की कीमतों में हुए इजाफे की वजह से डीजल बिल में ही तीन लाख प्रति महीने की वृद्धि हो चुकी है। सरकार को तो निजी बस आपरेटरों को राहत देनी चाहिए थी, लेकिन यह फैसला तो घातक साबित होगा और फैसला लागू होने के बाद बस ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बंद होने की कगार पर होगा। संदीप शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार घर-घर रोजगार देने के दावे कर रही है, लेकिन ऐसे फैसले तो कई घर उजाड़ देंगे।

मिनी बस बचाओ एक्शन कमेटी के सचिव जरनैल सिंह गढ़दीवाला ने कहा कि पंजाब सरकार का सरकारी बसों में महिला यात्रियों को निशुल्क यात्रा सुविधा देने का फैसला निजी बस आपरेटरों के लिए घातक साबित होगा। अगर सरकार लोगों और निजी बस आपरेटरों का हित चाहती है, तो तत्काल पंजाब में महिला एवं पुरुष यात्रियों का किराया 50 फीसद कम किया जाए। निजी आपरेटरों का टैक्स माफ किया जाए और डीजल के ऊपर प्रति लीटर 20 रुपए की सब्सिडी दी जाए। सरकार को यह सोचना चाहिए कि लोगों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवानी है न कि इसे एक कमाई का जरिया बनाना है।