जालन्धर :तेजतर्रार सुपरीडैंट मिठू से भी नहीं संभली विज्ञापन शाखा, अब अमित कालिया ने चार्ज संभालते ही लिया यह प्रण


  • कालिया ने कहा पिछले छ: महीने दौरान काटे चालानों की होगी जांच, एक महीने में कर देंगे “काला कारोबार” बंद

अनिल वर्मा जालन्धर

शहर के हजारों अवैध विज्ञापनों को उतार पाना नगर निगम के लिए पिछले पांच सालों से लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है और निगम प्रशासन द्वारा बार बार विज्ञापन शाखा का सुपरीडैंट बदलने का प्रयोग भी हर बार असफल ही साबित हुआ है। इस बार फिर निगम कमिशनर दीपर्व लाकड़ा द्वारा मनदीप सिंह मिठ्ठू से विज्ञापन शाखा का चार्ज वापिस लेकर सुपरीडैंट अमित कालिया को चार्ज सौंपा गया है। मनदीप सिंह के पास इस शाखा का चार्ज करीब छ: महीने रहा मगर वे भी शहर में लगे अवैध विज्ञापनों के काले बाजार को बंद करवाने में लगभग असफल ही साबित हुए।

एमबीडी माल के अंदर, केसर इंट्रप्राईसिस के ऊपर, एलआईसी दफ्तर के बाहर, रिम्पी रेडियो, ट्रैवल ऐजैंटो, सब-वे बीएमसी चौंक, तथा आईवीवाई वल्र्ड स्कूल के बाहर लगे प्राईवेट यूनिपोल को दर्जनों बार नोटिस देने के बाद भी आज तक यह अवैध विज्ञापन निगम प्रशासन का कोई भी सूरमा सुपरीडैंट नहीं उतार पाया। इसके पीछे कई क्यास लगाए जा रहे हैं। अब इन मलाईदार अवैध विज्ञापनों को उतारना नए सुपरीडैंट अमित कालिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

रोजाना पोस्ट के साथ विशेष बातचीत दौरान सुपरीडैंट अमित कालिया ने कहा कि पिछले छ: महीनों की चालान बुक तथा रसीद बुक मंगवाई है अगर किसी को नगर निगम एक्ट 1976 की धारा 123 के तहत नोटिस जारी किया जा चुका है और उसने अभी तक कोई ज्वाब नहीं दिया और अवैध विज्ञापन लगा हुआ है तो उसे नोटिस की अवधि खत्म होने से लेकर अंत तक जुर्माना लगाया जाएगा। आज ही शहर के कई इलाकों का दौरा किया गया जहां पर बड़े स्तर पर दुकानदारों ने होर्डिंगस लगाए हुए है जोकि कानूनन गल्त है। इनके खिलाफ सोमवार से मुहिम शुरु की जाएगी।

बता दें कि शहर में विज्ञापन पालिसी के तहत टैंडरिंग खुली हुई है जिसकी सालाना रकम 10 करोड़ 80 लाख के करीब है। अभी तक किसी भी कम्पनी द्वारा बिड नहीं दी गई।