गांधी वनीता आश्रम में देर रात लड़कियों में मारपीट, दरवाजा तोड़ा, कर्मचारियों को बंधक बनाकर भागने की कोशिश

 

गांधी वनीता आश्रम में वीरवार रात को एक बार फिर लड़कियों ने आश्रम में आपस में मारपीट की। लड़कियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को बंधक बनाकर पीटा और भागने की कोशिश की। आश्रम के फर्स्ट फ्लोर का दरवाजा भी तोड़ दिया। तभी मेन गेट पर ताला लगा दिया गया, जिस कारण कोई भी लड़की बाहर नहीं निकल सकी।

5 मिनट में ही मौके पर पुलिस टीम पहुंच गई। अब आश्रम प्रबंधकों का कहना है कि कर्मचारियों से मारपीट करने, गेट तोड़ने और अनुशासनहीनता करने पर 12 से 15 लड़कियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा। देर रात तक मामले की जांच चलती रही।

एसीपी हरसिमरत सिंह ने बताया कि उन्हें शाम करीब 7 बजे घटना की सूचना मिली। तभी 3 थानों की फोर्स तैनात कर दी गई। उन्होंने कहा कि 8 तारीख को आश्रम से भागी लड़कियों के मामले में भी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लड़कियों के आश्रम से भागने की घटना को गंभीर मानते हुए सरकार के सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से जांच के लिए जॉइंट डायरेक्टर विम्मी भुल्लर के नेतृत्व में 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी घटना के अगले दिन आश्रम पहुंचकर जांच पड़ताल कर चुकी है। जांच टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

डीपीओ गुरमिंदर सिंह रंधावा ने बताया कि मारपीट करने वाली करीब 15 लड़कियों पर केस दर्ज किया जाएगा। वे लड़कियों को इसलिए मार रही थी कि वह धरना प्रदर्शन करने में उनका साथ नहीं दे रही थी। दिव्या ने बताया लड़कियों ने पहले हाउस वर्कर और फिर वहां पर सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी को पूरी तरह से मारा पीटा और दरवाजा तोड़कर भागने की कोशिश की।