कोटला लैंड स्कैम: भाजपा नेता ने विरासत में दिया था कांग्रेस को यह घोटाला ?

जालन्धर/अनिल वर्मा
कोटला लैंड स्कैम में न सिर्फ सत्तापक्ष के नेता भूमाफियाओं को शैल्टर कर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं बल्कि इस स्कैम में भाजपा नेताओं के भी नाम उछलने शुरु हो गए हैं जिन्होने सत्ता दौरान शराफत का चोला ओढक़र इस स्कैम को जन्म दिया था। चाहे अब सरकार का तख्ता पलट होने के बाद पावर में आए कांगे्रसी नेता इस लैंड स्कैम की विरासत को आगे बड़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह घाटोला पिछले 5 सालों से लगातार चल रहा है मगर आज तक किसी द्वारा शिकायत न होने के चलते राजस्व विभाग ने कोई कारवाई नहीं की। इस खेल मेंं अब पिछले पांच सालों दौरान यहां तैनात रहे राजस्व विभाग के पटवारी, कानूनगो तथा नायब तहसीलदारों का एसआईटी द्वारा जुटाया जा रहा है कि आखिर किसी अधिकारी ने सुमोटो के आधार पर इस घोटाले के खिलाफ अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों की दी।


सूत्रों अनुसार यह घोटाला राजस्व विभाग की ही देन है मगर इसे अमलीजामा पहनाने के लिए राजनैतिक लोगों को फ्रंट फुट पर किया गया तांकि दबाव के कारण कोई कानूनी कारवाई न करनी पड़े। यहां से जुड़़े एक प्राप्टी डीलर ने कहा कि हर प्लाट की बिक्री के बाद शैल्टर करने वाले नेताओं तथा राजस्व विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों का हिस्सा था। जिसकी हम पुष्टि नहीं कर रहे। मगर प्रशासन की ढीली तथा दिशाहीन कारवाई कहीं न कहीं इस आरोप को सच साबित करती दिखाई दे रही है।

पड़़ताल दौरान इस स्कैम में कांग्रेसी पार्षद का नाम कई जगह उछल रहा है जोकि यहां सैंटर गर्वनमैंट की जमीने अपने चेले चपाटों के जरिए बेच रहा है। सूचना अनुसार इस पार्षद के हौंसले इस कदर बुलंद हैं कि शिकायत के बाद भी इसके चेले चपाटों ने तीन एकड़ सैंटर गर्वनमैंट की जमीन पर कालोनी काटनी शुरु कर दी थी जिसकी दोबारा शिकायत होने के बाद प्रशासन ने तुरन्त काम बंद करवा दिया। इस पार्षद के खिलाफ शिकायतकर्ता राजविंदर राजा के पास कई अहम सबूत पहुंचे हैं जिसे वह जल्द ही सार्वजनिक कर सकते हैं।