चीफ सैक्टरी की फटकार के बाद किरण बुक शॉप को बिल्डिंग विभाग ने किया सील

  • सीलिंग का कारण: दुकान के पीछे दो रिहायशी मकानों को गिराकर तैयार की अवैध कारोबारी इमारत
  • अब सियासी दबाव में खोलने की तैयारी शुरु ?
  • सील खोलने के बाद बढ़ेंगी निगम प्रशासन की मुश्किलें ?
  • हाईकोर्ट में काम नहीं आएगा सियासी दबाव ?
  • पढ़े पूरी स्टोरी..

अनिल वर्मा
माईहीरां गेट में स्थित किरण बुक शॉप को आज सुबह बिल्डिंग विभाग ने सील कर दिया। इस मामले में निगम कमिशनर के पास कई शिकायतें पहुंच रही थी कि Kiran Book Shop के मालिक ने अपनी दुकान के पीछे दो रिहायशी मकानों को खरीदा है तथा दोनो मकानों को गिराकर वहां बड़ी बिल्डिंग तैयार की जा रही है जिसे पुरानी दुकान के साथ जोड़ा जा रहा है। मगर सियासी दबाव के कारण बिल्डिंग विभाग यहां कोई कारवाई नहीं कर रहा था।

मगर इस मामले में चीफ सैक्टरी तक शिकायतें पहुचने के बाद आज निगम कमिशनर के आदेशों को बाद दिन चढ़ते ही किरण बुक शाप की दुकान तथा पीछे तैयार की गई बिल्डिंग को चारों तरफ से सील कर दिया गया। बता दें कि यहां पिछले 4 चार महीने से कंस्ट्रक्शन चल रही थी मगर बिल्डिंग विभाग के लैंथी प्रौसीजर के चलते कानूनी कारवाई करते करते चार महीनों का समय बीत गया जिसका फायदा बिल्डर ने खूब उठाया।


जानकारी अनुसार दोनो रिहायशी मकानों नबंर एन.एफ.247 तथा एन.एफ. 248 है जोकि पीछे आरिया गली की तरफ है। इन दोनो मकानों को एक महीनें में गिरा दिया गया और बाद में यहां धड़ल्ले से कमर्शियल निर्माण शुरु कर दिया गया। इस बिल्डिंग को शह देने के लिए खुलकर सियासी दबाव बनाया गया। बिल्डिंग इंस्पैक्टर मनीष अरोड़ा ने नोटिस सर्व करने बाद यहां गेट को ताला भी लगाया था मगर दुकानदार ने उसे चंद ही मिंटों में तोड़कर दोबारा निर्माण चालू करवा दिया था।

इस बिल्डिंग को खोलना अब बिल्डिंग विभाग के लिए भी आसान नहीं होगा। अमूमन सियासी दबाव के चलते अवैध इमारत की सील खोलने के लिए एक साधारण एफीडेविट लिया जाता है जिसमें कई कागजी शर्तों के आधार पर लोगों की आंखोें में धूल झोंक कर 24 घंटें बाद ही इमारत खोल दी जाती है तांकि कागजी कारवाई में निगम अपना बचाव कर सके। मगर इस मामले में निगम प्रशासन की लापरवाही को एक जनहित सोसायटी निगम को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए तैयारी कर रही है।