करगिल विजय के 20 साल जोर-शोर से मनाने की तैयारी में सेना, पीएम मोदी भी होंगे शामिल

विजय दिवस 26 जुलाई को है जिस दिन ऑपरेशन विजय खत्म हुआ था। भारतीय सेना ऑपरेशन विजय को तीन फेज में मनाने जा रही है। इस जश्न का हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बनेंगे।

करगिल युद्ध के 20 साल पूरे हो रहे हैं और इस बार इस ऑपरेशन विजय को जोर-शोर से मनाने की तैयारी है। फोकस में युवा हैं, जो करगिल युद्ध के दौरान या तो पैदा ही हुए थे या बहुत छोटे थे, जिन्हें युद्ध के बारे में और हमारे जाबांजों के बारे में खास जानकारी नहीं है। विजय दिवस 26 जुलाई को है जिस दिन ऑपरेशन विजय खत्म हुआ था। भारतीय सेना ऑपरेशन विजय को तीन फेज में मनाने जा रही है।

पहले फेज में शहीदों को याद किया जा रहा है और लोगों को खासकर युवाओं को उनके बारे में बताया जा रहा है। अभी यह सोशल मीडिया के जरिए किया जा रहा है और जल्दी ही स्कूल, कॉलेजों में कई कार्यक्रम किए जाएंगे। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इसका थीम युवाओं तक पहुंचना है। यह पहला युद्ध था जो हमारे ड्राइंग रूम तक पहुंचा।

दूसरा फेज 21 जुलाई से शुरू होगा और 26 जुलाई तक चलेगा। कार्यक्रमों के जरिए देशवासियों को बताया जाएगा कि किस तरह भारतीय सेना और उसके जाबांजों ने पूरे देश का सिर ऊंचा किया। 22 और 23 जुलाई को लेह और 25-26 जुलाई को द्रास में बड़े प्रोग्राम होंगे। 27 जुलाई को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में बड़े कार्यक्रम की तैयारी है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

अमर जवान ज्योति वॉर मेमोरियल से द्रास तक

एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक 14 जुलाई को दिल्ली के नैशनल वॉर मेमोरियल की अमर ज्योति से ज्योति जलाकर विक्ट्री टॉर्च की शुरुआत होगी। इसे आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत शुरू करेंगे। यह विक्ट्री टॉर्च सड़क मार्ग से होते हुए 26 जुलाई को द्रास पहुंचेगी और वहां की अमर ज्योति से इस ज्योति को मर्ज किया जाएगा। आर्मी चीफ और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्रास में विक्ट्री टॉर्च को रिसीव करेंगे। विक्ट्री टॉर्च रास्ते में आने वाले सभी बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी से होकर जाएगी और युवाओं को जोड़ते हुए यहां भी कई कार्यक्रम की तैयारी है।