जालन्धर ट्रैफिक पुलिस ने फिर दाव पर लगाई मासूम बच्चों की जान, देखें कैसे जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं मासूम बच्चे..

अनिल वर्मा
दो दिन पहले आटो से गिरकर अपनी जान गंवाने वाली नीटू शटरां वाले की मासूम बच्ची की चिता अभी ठंडी भी नहीं हुई कि जालन्धर प्रशासन ने एक बार फिर अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर हजारों स्कूली बच्चों की जान सूली पर टांग दी है। जी हां जालन्धर के नामचीन स्कूलों में छुट्टी होने के बाद ऐसा ही दृश्य कई सडक़ों पर आम देखा जा सकता है जहां हरेक आटो के अंदर 10 से 15 बच्चे ठूस ठूस कर बिठाए जाते हैं यहां तक कि ज्यादातर आटो चालक बच्चों को डिगी तथा ड्राईवर सीट पर भी बिठाने में संकोच नहीं करते।

यह सारे हालात जालन्धर ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण बिगड़ते जा रहे हैं क्योंकि जालन्धर में ज्यादातर आटो बिना परमिट के चल रहे हैं जिनके सिर पर कई प्रधानों तथा ट्रैफिक मुलाजिमों का हाथ है। इसी गठजोड़ की वजह से हर दिन जालन्धर में हजारों मासूम बच्चों की जान दाव पर लगती है। यह सभी तस्वीरें जालन्धर के अलग अलग स्कूलों के बाहर से ली गई है जिनमें आटो चालक, स्कूल प्रशासन, परिजन तथा ट्रैफिक विभाग की लापरवाही साफ झलक रही है।