पंजाब में कांग्रेस इकाई में चल रही है अंतर्कलह

चंडीगढ़

पंजाब कांग्रेस में जारी कलह के बीच राज्य की वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी एडीशनल एड्वोकेट जनरल रमीजा हकीम ने इस्तीफा दे दिया है। हकीम का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। खबर है कि वे ट्रांसपोर्ट माफिया केस समेत राज्य में कई संवेदनशील मामलों पर काम कर रही थीं। वे एडवोकेट जनरल अतुल नंदा की पत्नी हैं। कई कांग्रेस नेता लगातार नौकरशाहों और नंदा की अगुवाई वाले न्यायिक विभाग को निशाना बना रहे हैं। नंदा को राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबियों में गिना जाता है। उनकी पत्नी हकीम एड्वोकेट जनरल के कार्यालय से जुड़े कामों में खासी सक्रिय थीं।सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बेहबाल कलां और कोटकपूरा गोलीबारी कांड मामले का सही बचाव ना करने के चलते एड्वोकेट जनरल के दफ्तर पर उंगलियां उठ रही थीं। इस बात से हकीम खासी नाराज थीं। गोलीबारी कांड की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम और उसकी जांच को हाल ही में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। अदालत के इस फैसले के चलते राज्य सरकार को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक हकीम ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने सीएम को 1 जून को त्यागपत्र सौंप दिया था। वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी ने इससे पहले अगस्त में भी इस्तीफा दिया था। हालांकि, उस दौरान मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने बताया कि मैं आज मुख्यमंत्री से मिली और उनसे इसे मंजूर करने की अपील की। मैंने उन्हें कहा कि मैं अपना ध्यान निजी प्रैक्टिस और करियर पर लगाना चाहती हूं। वे अनिच्छुक थे क्योंकि इससे पहले भी वे मेरा इस्तीफा अस्वीकार कर चुके थे। लेकिन इस बार उन्होंने मेरी बात को समझा और त्यागपत्र मंजूर कर लिया। हाल ही में कई कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने कांग्रेस की तीन सदस्यीय समिति के सामने एड्वोकेट जनरल के कार्यालय और सीएम के खिलाफ आरोप लगाए थे। पीपीसीसी प्रमुख सुनील जाखड़ ने भी कई जरूरी मुकदमे हारने पर एड्वोकेट जनरल पर निशाना साधा था।

 

Infighting is going on in the Congress unit in Punjab