आईएएस बलविंदर सिंह ने सुबह नौकरी से इस्तीफा दिया, शाम होते-होते बन गए कांग्रेस प्रत्याशी

 पिछले कुछ दिनों से राजनीति में सक्रिय आईएएस अधिकारी बलविंदर सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वह जालंधर में डायरेक्टर पंजाब लैंड रिकार्ड्स, सेटलमेंट, कंसॉलिडेशन एंड लैंड एक्वीजीशन के रूप में तैनात थे। आईएएस पद से इस्तीफा देने वाले बलविंदर सिंह का नाम आज दिनभर चर्चा में रहा। पिछले कई दिन से उनका नाम कांग्रेस प्रत्याशी के बनने के लिए सबसे प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा था, वहीं आज सुबह उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया तो शाम होते-हाेते दावेदारी घोषणा में बदल गई। कांग्रेस ने फगवाड़ा विधानसभा सीट पर बलविंदर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

आईएएस अफसर बलविंदर सिंह धालीवाल।

1961 में जन्मे बलविंदर सिंह धालीवाल मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं। वह यहां डायरेक्टर पंजाब लैंड रिकार्ड्स, सेटलमेंट, कंसॉलिडेशन एंड लैंड एक्वीजीशन के रूप में तैनात थे। इससे पहले वह तरनतारन, फिरोजपुर व मानसा के डीसी भी रह चुके हैं। वह स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर भी रह चुके हैं। धालीवाल पिछले काफी समय से फगवाड़ा की राजनीति में गुपचुप तरीके से सरगर्म नजर आ रहे थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में फगवाड़ा सीट से भाजपा के सोम प्रकाश ने जीत दर्ज की थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में सोम प्रकाश के होशियारपुर का सांसद चुने जाने के बाद फगवाड़ा की सीट खाली हो गई थी।

अब जबकि प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है तो फगवाड़ा विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हुआ। यहां से निकाल दिए जाने के बाद दोबारा पार्टी में आ चुके पूर्व विधायक तिरलोचन सिंह सूंढ, पूर्व विधायक जोगिंदर सिंह मान और बलबीर रानी सोढी के साथ-साथ बलविंदर सिंह का नाम भी चर्चा में था। साेमवार को आखिर सबको पछाड़ते हुए बलविंदर सिंह कांग्रेस का टिकट हासिल करने में कामयाब रहे। चर्चा है कि उन्हें पहले से सब पता था, शायद इसी के चलते घोषणा होने से पहले ही सोमवार सुबह अपना इस्तीफा पंजाब सरकार को भेज दिया। हालांकि फिलहाल उनके इस्तीफे की मंजूरी की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस्तीफे के तुरंत बाद फगवाड़ा की राजनीति में भूचाल आ गया।