नागरिकता बिल को लेकर असम और त्रिपुरा में भारी हिंसा, पीएम मोदी बोले- डरने की जरुरत नहीं


 

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन विधेयक(सीएबी) को संसद की मंजूरी तथा असम में इसके विरोध में जारी आंदोलन के बीच गुरुवार को कहा कि विधेयक के पारित होने के बाद राज्य की जनता के लिए चिंता की कोई बात नहीं है।

मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, केंद्र सरकार और मैं असम के लोगों की राजनीतिक, भाषायी, सांस्कृतिक और भूमि अधिकारों को संवैधानिक रूप से संरक्षित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। मैं असम के अपने भाइयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सीएबी के पारित होने के बाद उन्हें चिंता करने की कोई बात नहीं है।

उन्होंने कहा, मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी आपके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और सुंदर संस्कृति को नहीं छीन सकता। यह फलता-फूलता और बढ़ता रहेगा। उल्लेखनीय है कि राज्यसभा ने बुधवार को विपक्ष के विरोध के बावजूद सीएबी को अपनी मंजूरी दे दी। राज्यसभा के अनुमोदन के साथ विधेयक को अब संसद की मंजूरी मिल गई है।

असम और त्रिपुरा में भारी हिंसा की घटनाएं
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर व्यापक विरोध-प्रदर्शन के बीच बिगड़ती कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए असम के गुवाहाटी में कर्फ्यू की मियाद को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। हालात पर नियंत्रण के लिए यहां सेना की दो टुकड़ियां तैनात की गई हैं। असम के 10 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

त्रिपुरा में भी इंटरनेट पर बैन
त्रिपुरा में भी विरोधी प्रदर्शनों के बीच असम राइफल्स को तैनात कर दिया गया है। असम राइफल्स की एक-एक टुकड़ी को त्रिपुरा के कंचनपुर और मनु में तैनात किया गया है। उधर, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए असम में कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं।

असम में होने वाले रणजी मैच और फुटबॉल मैच स्थगित
नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) के खिलाफ असम में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के चलते असम और त्रिपुरा में होने वाले रणजी ट्रॉफी के मैचों को सस्पेंड कर दिया गया है। गुवाहाटी और असम में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी और चेन्नईयिन एफसी के बीच इंडियन सुपर लीग का मैच भी स्थगित कर दिया गया है।