मकसूदां मंडी में सेहत विभाग की छापेमारी, कारोबारियों में हड़कंप

जालंधर की मकसूदां सब्जी मंडी में गुरुवार सुबह स्वास्थ्य विभाग और बागवानी विभाग ने छापेमारी की। बागवानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हभजन सिंह ने टीम के साथ मंडी में फलों को पकाने की प्रक्रिया की जांच की। हालांकि जांच के दौरान फल तैयार करने की प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई। फिर भी, मंडी में टीम के प्रवेश करते ही कारोबारियों में हड़कंप मच गया था।

इस दौरान डॉ. हरभजन सिंह के साथ जिला मंडी अधिकारी दविंदर सिंह कैंथ और सुपरिंटेंडेंट केवल सिंह भी जांच में शामिल हुए। टीम ने मंडी के अंदर केले, पपीता व आम सहित अन्य फलों के पकाने की प्रक्रिया की पड़ताल की। मौके पर इसमें कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई। जांच के बाद टीम ने पूरी व्यवस्था पर संतुष्टि जताई। जिला मंडी अधिकारी दविंदर सिंह कैंथ ने बताया कि गुरुवार को मंडी में 4,279 क्विंटल फल पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सेहत विभाग की टीम के साथ समय-समय पर फल और सब्जियों तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जाती है।

मकसूदां सब्जी और फल मंडी उत्तर भारत की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार की जाती है। यहां आसपास के जिलों से किसान फल और सब्जियां लेकर पहुंचते हैं। इस मंडी से पूरे उत्तर भारत में सब्जियों और फलों की आपूर्ति की जाती है। मंडी में जिलेभर से किसानों और आम लोगों के पहुंचने के कारण कोरोना काल में यह मंडी भीड़ को लेकर विवादों में रही है। यहां आने वाले वेंडरों की संख्या कम करने के स्थानीय प्रशासन ने प्रतापपुरा में नई अस्थायी सब्जी मंडी शुरू की थी। हालांकि अब वहां भी आढ़तियों और फड़ियां लगाने वालों के बीच विवाद सुर्खियों में रहता है।