फादर एंथनी के “गायब” हुए 6.34 करोड़ रुपयों की जांच के आदेश, अकाली दल ने भी चुनाव आयोग को सौंपी शिकायत


फादर एंथनी से जब्‍त किए गए करोड़ों रुपये की बरामदगी और उसमें से करीब 6.34 करोड़ रुपये गायब होने का मामला गर्मा गया है। मामला चुनाव आयोग के पास भी पहुंच गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्‍ता ने मामले की जांच आइजी (क्राइम) को सौंपी है।

बता दें कि पिछले दिनों पुलिस ने जालंधर के पादरी फादर एंथनी से 9.66 करोड़ रुपये बरामद किए थे। बाद में फादर एंथनी के परिवार ने कहा कि 16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कब्‍जे में ली थी। अब शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब चुनाव आयोग को शिकायत देकर जालंधर के पादरी एंथनी से जब्त किए गए रुपयों में से 6.34 करोड़ रुपये गायब होने के मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश देने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि यह सब कांग्रेस व इसके नेताओं की मिलीभगत से हुई घटना लग रही है, ताकि इस पैसे से वोटरों को खरीदा जा सके।

शिअद नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सिकंदर सिंह मलूका ने मुख्य चुनाव अधिकारी को दो अलग-अलग ज्ञापन दिए। अकाली दल ने पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के उन निर्देशों को वापस लेने की मांग की है, जिनमें चुनाव अधिकारी ने पंजाब पुलिस को अकाली नेताओं को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उन्होंने 2017 में एक धरने के दौरान सड़क पर जाम लगाया गया था।

उधर पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने खन्ना पुलिस पर 6.34 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि गायब करने के लगे आरोपों की जांच आइजी क्राइम प्रवीण सिन्हा को सौंपी है। पंजाब पुलिस ने बाकायदा अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी इसकी जानकारी भी दी है।

जालंधर के प्रतापपुरा में रहने वाले फादर एंथनी ने रविवार को पत्रकार वार्ता कर खन्ना पुलिस पर आरोप लगाया था कि खन्ना पुलिस, आइटी व ईडी ने उनके घर पर संयुक्त रेड कर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि रिकवर की थी। पुलिस ने रिकवरी 9.66 करोड़ रुपये ही दिखाई। एंथनी ने 6.34 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम गायब करने के आरोप लगाए थे। मामले की शिकायत जालंधर पुलिस कमिश्नर से भी की थी।

एंथनी ने यह भी दावा था किया कि उनके घर से मिली राशि हवाला की नहीं बल्कि यह उनकी पार्टरनशिप वाली फर्म सहोदया की बिकी किताबों व स्टेशनरी से इक्टठा हुई रकम है। उधर, खन्ना के एसएसपी ध्रुव दहिया ने पुलिस पर रुपये गायब करने के  लगाए आरोप को निराधार बताया है। आइजी प्रवीण कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके पास डीजीपी दिनकर गुप्ता की तरफ से दिए गए मामले की जांच के आर्डर की कापी आ गई है।