हाईकोर्ट से केस जीतने के बाद भी निगम ने नहीं उतारे अवैध यूनिपोल, काला बाजारी में कई “सफेदपोश” भी शामिल !


जालन्धर अनिल वर्मा
दुर्गा पब्लिसिटी से केस जीतने के बाद भी नगर निगम शहर में लगे उन यूनिपोलस को नहीं उतार पाया जहां हर महीने बड़े बड़े विज्ञापन लगाकर निगम के खजाने को लाखों रुपयों का चूना लगाया जा रहा है। हालांकि दुर्गा पब्लिसिटी की ओर से ज्यादातर यूनिपोल उतार लिए गए हैं मगर शहर के कई ऐसे सरकारी, गैरसरकारी तथा प्राईवेट संस्थान है जहां अभी भी अवैध यूनिपोलस पर बड़े बड़े अवैध विज्ञापनों का काला बाजार चलाया जा रहा है।

जानकारी अनुसार इन अवैध यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने के पीछे कई “सफेदपोश” नेताओं का हाथ बताया जा रहा है जिनके चहेते इन यूनिपोल से मिलने वाले  “माल” से अपनी जेब गर्म करते हैं। यही नहीं कुछ दुकानदारों ने अफसरों से कथित सैटिंग करके अपनी दुकानों शौरूम से बाहर यूनिपोल से भी बड़े बड़े विज्ञापन लगाए हुए हैं। जोकि विज्ञापन पॉलिसी 2018 के सैक्शन 8.4.1. की उलंघना है। पॉलिसी अनुसार दुकानदार सिर्फ अपनी दुकान का नाम ही बाहर लिख सकता है।

यहां यहां लगे हैं अवैध यूनिपोल तथा अवैध विज्ञापन

   

विज्ञापन विभाग के सुपरीडैंट मनदीप सिंह ने कहा कि एलआईसी, एमबीडी माल, आईवीवाई व्लर्ड स्कूल, जीएस हांडा, रिंपी रेडियो, मोबाईल हाउस सहित कई पार्टियों को नगर निगम एक्ट 1976 की धारा 123 के तहत नोटिस सर्व किए गए थे मगर ज्यादातर पार्टियों ने कोई ज्वाब नहीं दिया। इसके बाद उन सभी अवैध विज्ञापन को जल्द ही उतरवा दिया जाएगा।

 

web Title : Even after winning the case from the High Court, the corporation has not released illegal unipole, black market includes many “white collar”