जालन्धर सिविल अस्पताल पर बिजली संकट, सरकार ने भी खींचे हाथ

अनिल वर्मा
कोरोना महामारी दौरान बिना किसी आमदन के मरीजों को मुफ्त सेवाएं देने वाले सिविल अस्पताल को अब बिजली विभाग ने बड़ा झटका दिया है। अस्पताल को 4 करोड़ 90 लाख का बिल भरने के लिए नोटिस जारी किया गया है। यह बिल जुलाई 2019 के बाद जमा नहीं करवाया गया था क्योंकि सिविल अस्पताल का बिल पहले सरकारी स्तर पर जमा करवाया जाता था मगर अब सरकार ने सिविल अस्पताल को पत्र भेज कर बिल अपनी कमाई से जमा करवाने के लिए कहा है।

बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से 17 बिमारियों का इलाज मुफ्त करवाने का ऐलान किया गया था जिसका बोझ भी अब सिविल अस्पताल पर डाल दिया गया है। सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरीडैंट डाक्टर सीमा ने बताया कि सिविल अस्पताल में 22 विभाग हैं जिनका बिजली बिल भी सिविल अस्पताल के खाते डाल दिया गया है जबकि सिविल अस्पताल में ओपीडी पर्चिंयां, एमएलआर तथा डोप टैस्ट के जरिए हर महीने करीब 25 लाख रुपये की आमदम होती है। ऐसे में 4 करोड़ 90 लाख रुपये का बिल जमा करवाना असंभव है। इस मामले में पंजाब सरकार को दोबारा पत्र भेज फंड जारी करने के लिए कहा गया है। बता दें कि अगर किसी भी पक्ष की ओर से सिविल अस्पताल का बिजली बिल जमा नहीं करवाया जाता तो बिजली विभाग किसी भी वक्त अस्पताल का कनैक्शन काट सकता है।