दो सालों दौरान पंजाब सरकार ने जालन्धर की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की कोई सुद नहीं ली- रविंदर धीर


Post By Anil verma
एक समय था जब जालन्धर की स्र्पोट्स इंडस्ट्री का नाम पूरे विश्व में सबसे ऊपर था मगर सरकारों के गैरजिम्मेदार रवैये के कारण अब जालन्धर के अन्दर भी स्र्पोट्स इंडस्ट्र्ी की पहचान गुम होती दिखाई दे रही है। उक्त बातों का प्रकटावा खेल उद्योग संघ संघर्ष के कन्विनियर रविंदर धीर ने रोजाना पोस्ट के साथ विशेष बातचीत दौरान किया।

श्री धीर ने कहा कि 2014 में केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी जिसने स्र्पोट्स इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की बजाए 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया। दो साल पहले पंजाब में कांग्रेस सरकारा सत्ता में आई जिसमें इंडस्ट्री को 5 रुपये की दर पर बिजली देने का वायदा किया मगर 8.5 रुपये पर बिजली मिल रही है। दो सालों दौरान पंजाब सरकार ने एक बार भी जालन्धर की स्र्पोट्स इंडस्ट्री की सुध नहीं ली।

पिछली लोकसभा में जालन्धर से संतोख सिंह चौधरी कांग्रेस पार्टी से जीतकर सांसद बने थे जिन्होने जालन्धर की स्र्पोट्स इंडस्ट्री को बर्बाद होने से बचाने के लिए हर संभव मदद करने के लिए वायदे किए । मगर केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद अन्य कारोबारों के साथ साथ जालन्धर की स्र्पोट्स इंडस्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई। मंदी के दौर से गुजर रही खेल इंडस्ट्री पर 5.5 प्रतिशत वैट तथा 2 प्रतिशत सीएसटी हटाकर 28 प्रतिशत तथा 12 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया गया।

जालन्धर स्र्पोट्स इंडस्ट्री द्वारा भारी विरोध करने के बाद मामला संसद में उठाने के लिए कांग्रेसी सांसद संतौख सिंह चौधरी ने हामी भरी और दो बार चौधरी संतोख सिंह ने यह मामला संसद में प्रमुखता से उठाया। जिसके कुछ समय पश्चात केन्द्र सरकार ने खेलकूद के सामन पर 18 प्रतिशत एकमुश्त जीएसटी लगाकर 28 प्रतिशत की सलैब खत्म कर दी।


मगर फिर भी केन्द्र सरकार की यह नीति जालन्धर के खेल व्यापार को अपने कदमों पर दोबारा खड़े करने में असफल साबित हुई। बातचीत दौरान श्री रविंदर धीर ने कहा कि वह पंजाब सरकार तथा केन्द्र सरकार की नीतियों से खुश नहीं है मगर सांसद चौधरी ने उनके हक के लिए आवाज उठाई इसके लिए उनका शुक्रिया। इंडस्ट्री लोकसभा में किस पार्टी को वोट डालती है यह फैसला हर व्यक्ति का अपना खुद का है।

During the two years, the Punjab government did not get any benefit from Jalandhar’s sports industry – Ravinder Dhir