पंजाब :गलत जगह टीका लगाने वाले डॉक्टर को उपभोक्ता अदालत ने ठोका 8 लाख जुर्माना

बरनाला. अगर शीशी पर लिखा था कि इसे शरीर के किसी नाजुक हिस्से के पास नहीं लगाना तो आपने टीका आंख के पास क्यों लगाया। अदालत में वकील ने यह सवाल सिविल अस्पताल बरनाला के आंख-कान के डॉ. गगनदीप तथगुरू से किया। डॉक्टर ने कहा कि मरीज को मैंने बता दिया था कि इसका साइड इफेक्ट हो सकता है। उपभोक्ता फोरम ने इस दलील को दरकिनार करते हुए कहा कि आप डॉक्टर है आपको पता होना चाहिए कि कौन सी दवाई कैसे इस्तेमाल करनी है। इसके बाद अदालत ने डॉक्टर को 8 लाख हर्जाना अदा करने का आदेश दिया। शुक्रवार को जिला कोर्ट में उपभोक्ता फोरम ने यह फैसला सुनाया। डॉक्टर की गलती से आंख खोने वाली महिला को 8 लाख का हर्जाना देने के साथ-साथ फोरम ने 25 हजार पीड़ित को अलग से व 5 हजार रुपए अदालत में लीगल फीस के तौर पर जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। 

नाक में फोड़े के इलाज को आई थी  

जानकारी के अनुसार वीरपाल कौर पत्नी जसपाल सिंह निवासी बरनाला ने उपभोक्ता फोरम में एक साल पहले केस किया था। शिकायत में अदालत को बताया कि 11 नबंवर 2017 को वह अपने नाक में हुए एक फोड़े के इलाज के लिए सिविल अस्पताल बरनाला में भर्ती हुई थी। डॉ. गगनदीप तथगुरू इलाज कर रहे थे। उन्होंने फोड़े की पीड़ा को कम करने के लिए एक टीका लगाने की बात कही। उन्होंने डॉक्टर की बात मान कर वह टीका लगवा लिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। होश आया तो उसे दाई आंख से कुछ दिखाई नहीं दिया और दूसरी आंख से बहुत कम दिखाई दे रहा था। डॉक्टर ने इतना ही कहा कि साइड इफेक्ट हो गया है। कई माह चक्कर लगाने के बाद केस किया था। 

शीशी पर लिखी हुई थी चेतावनी 

डॉक्टर द्वारा जो टीका महिला के नाक में लगाया गया था उस पर साफ तौर पर चेतावनी लिखी हुई थी कि शरीर के किसी भी कोमल हिस्से में इसका इस्तेमाल न करें। लेकिन इस बात का डॉक्टर ने ख्याल नहीं रखा, जिससे महिला के आंख की रोशनी चली गई। अदालत में बचाव पक्ष ने इस बात को माना की शीशी पर लिखा था लेकिन उन्होंने मरीज को बता दिया था कि यह खतरनाक है। लेकिन इस दलील को अदालत ने खारिज कर किया, जिसके चलते अदालत ने फैसला महिला के हक में सुनाया। 8 लाख रुपए का जुर्माना डॉक्टर को अदा करने का हुक्म सुनाया गया है। डॉक्टर का किसी कंपनी से इंश्योरेंस करवाया हुआ है, जिसके चलते 8 लाख की अदायगी उस कंपनी द्वारा की जाएगी।

अदालत ने दिया इंसाफ, लेकिन पूरी जिंदगी बन गई नर्क : पीड़ित महिला
पीड़ित महिला वीरपाल कौर ने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले से खुशी है कि उन्हें इंसाफ मिला। लेकिन उसकी आयु सिर्फ 29 साल है। उसकी पूरी जिंदगी अभी बाकी है। जोकि एक आंख की रोशनी से गुजारनी बेहद मुश्किल लग रही है। इस तरह की लापरवाही करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।