प्राप्टी टैक्स के सुपरीडैंट सहित इंस्पैक्टरों की चीफ सैक्टरी तक पहुंची शिकायत, इस मामले में निगम को लगाया था चूना

अनिल वर्मा
नगर निगम जालन्धर के प्राप्टी टैक्स का एक और विवाद सामने आया है जिसमें ट्रांस्पोर्ट नगर में स्थित प्लाट नंबर 33 एंव 34 के प्राप्टी टैक्स में बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट रविंदर पाल सिंह चड्Þडा ने सूचना के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभी दस्तावेज हासिल किए। चड्डा ने इस मामले में कहा कि यह इमारत कांग्रेसी पार्षद की है जिसने इसे अमृतसर की एक पेपर मिली को 2014 से लाख रुपये महीने पर किराए पर दिया हुआ है।

चड्डा ने कहा कि इस प्राप्टी का सालाना प्राप्टी टैक्स 1 लाख 20 हजार रुपये बनता था मगर प्राप्टी टैक्स के अधिकारियों की मिलीभगत से निगम के खजाने में पिछले पांच सालों से सिर्फ 23 हजार 206 रुपये ही जमा हुए। इस मामले में चड्डा द्वारा चीफ सैक्टरी को शिकायत कर मामले की जांच करने की मांग की है। उन्होने शिकायत में आरोप लगाया कि कांग्रेसी नेता के पास निगम में बड़ी जिम्मेदारी है जिसके बल पर इतना बड़ा घोटाला हुआ। जिसकी जांच करने के बाद कई अफसरों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

इस मामले में प्रॉपर्टी टेक्स शाखा के सुपरीडैंट से सम्पर्क करने की कोशिश की गयी मगर नहीं हो सका