इमाम नासिर की तंग गली में 13 अवैध दुकानों में “शिकायतकर्ता मैनेजड” निगम खामोश ?

  • अब दो हिस्सों में सरकार के खजाने की बनाई जाएगी रेल ?
  •  पार्ट-1 में 13 अवैध दुकानें

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जालन्धर अनिल वर्मा
बीते दो वर्ष पहले इमाम नासिर में स्थित महाबीर ट्रेडिंग कम्पनी वाली तंग गली में एक खंडर में मार्किट बनाने का काम धड़ल्ले से शुरु हुआ था लेकिन शिकायतों की वजह से यह प्रौजेक्ट विवादों में इस कदर घिर गया था कि मौके पर बिल्डिंग विभाग को यहां डिमोलिशेन ड्राइव चलानी पड़ी थी। अब दो साल बाद शिकायतकर्ताओं को मैनेज करने के बाद इस खंडर में एक बार फिर बहार लौट आई है। यहां बीते सप्ताह 13 दुकानों की शटरिंग कर शांतिपूर्वक लैंटर डाल दिया गया। सूत्रों ने दावा किया है कि इस मामले में अब न तो निगम कोई कारवाई करेगा और न ही कोई शिकायतकर्ता इस बहु करोड़ी घोटाले की कोई शिकायत करेगा।


अब यहां हर हाल में 26 अवैध दुकानें बननी तय हो चुकी है जिसमें 13 का काम चालू है। बाकी खाली जगह को कवर करने के लिए भी जल्द ही पार्ट-2 मेंं सरकार के खजाने की रेल बनाई जाएगी। बिल्डिंग विभाग के सैक्टरों के अनुसार यह 15 सैक्टर के आधीन है इस सैक्टर के एटीपी वजीर राज तथा बिल्डिंग इंस्पैक्टर मनीष अरोड़ा हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में प्रति दुकान के हिसाब के सैटिंग की गई है।


बता दें कि बीते दो साल पहले इस मामले में एक पार्षद भी शिकायत कर रहे थे मगर इस बार वह भी अपना मुंह खोलने से बच रहे हैं। बाजार में चल रही चर्चा के अनुसार इन 13 दुकानों में 3 दुकानों का कोटा रिर्जव रखा गया है जिसमें बंदर बांट होनी है। दुकान की कीमत 40 लाख बताई जा रही है। बिल्डिंग बाईलाज के अनुसार इस तंग गली में कमर्शियल मार्किट का प्रौजैक्ट अप्रूव नहीं किया जा सकता मगर फाईनैंसर हर हाल में यहां अपने द्वारा लगाए कथित 1 करोड़ के बदले 5 करोड़ की कमाई करने की जिद पर अड़ा है। जिसमें उसका साथ कुछ लालची अफसर भी दे रहे हैं।


आने वाले दिनों में अगर इस प्रौजेक्ट की शिकायत चीफ सैक्टरी विनी महाजन तक पहुंचती है तो फाईनैसर के साथ साथ निगम के कई जिम्मेदार अफसर भी लपेटे में आ सकते हैं। इस मामले में निगम के ज्वाईंट कमिशनर हरचरण सिंह से संपर्क करना चाहा मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका।