बटाला : फैक्टरी मालिक के अज्ञात परिजनों पर धारा 304 सहित एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज

बटाला फैक्टरी में हुए धमाके में पुलिस द्वारा जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों को  बचाने के लिए हादसे में मारे गए फैक्टरी मालिक के परिजनों पर धारा 304, 427 , 3,4,5 एक्पलोसिव सबसटैंस एक्ट 1908 के तहत मामला दर्ज कर केस को कमजोर कर दिया है। वकीलों के अनुसार मारे गए व्यक्ति के परिजनों पर केस दर्ज नहीं हो सकता बल्कि फैक्टरी के पार्टनर या फिर आथोराईज़ड पर्सन पर मामला दर्ज किया जा सकता था। यह इतिहास में पहली बार हो कि मरे हुए व्यक्ति के परिजनों को सजा मिलेगी।

एफआईआर में भी किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, केवल परिजन ही लिखा है यानी हादसे का जिम्मेदार फिलहाल कोई नहीं है। प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत का बड़ा उदाहरण देखिए… कादियां रोड पर स्थित पटाखा फैक्टरी का जो लाइसेंस था, वह रिन्यू होना था और गुरु तेग बहादुर कॉलोनी में स्थित जिस फैक्टरी में धमाका हुआ है उसका लाइसेंस ही नहीं था। वहां पर पटाखा स्टोर के बहाने भारी मात्रा में पटाखे बनाए जा रहे थे।

बुधवार को पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके से 23 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से 2 लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। इन मृतकों में 4 लोग फैक्टरी मालिक बताए जा रहे हैं, जिनमें सुरिंदर सिंह, परमजीत सिंह, विक्रमजीत सिंह और रजिंदर सिंह हैं। सभी मृतक भट्‌ठा इंद्रजीत काहनूवान रोड बटाला के हैं। वहीं, बटाला का माहौल गमगीन रहा। 

 

Case registered against unknown relatives of factory owner under Explosive Act including Section 304