टैक्स चोरी स्कैंडल की जांच कर रही विजीलैंस की बड़ी कारवाई ,डीईटीसी बीके विरदी ,सहित एईटीसी, ईटीओ, ट्रांस्पोर्टर पर पर्चा दर्ज

अनिल वर्मा/जालन्धर

बीते दिनों पंजाब में ट्रांस्पोर्टरों तथा व्यापारियों के साथ मिल कर टैक्स चोरी कर रहे आबकारी और कराधान विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ विजीलैंस विभाग ने 21 अगस्त को एफआईर दर्ज कर करोड़ों के स्कैंडल से पर्दाफाश किया था। जिसकी जांच दौरान कई ईटीओ ने इस खेल में शामिल बड़े अधिकारियों के नाम बताने शुरु दिए हैं। मामले की जांच कर रही विजीलैंस ब्यूरो द्वारा अब उन अधिकारियों का नाम भी इस एफआईआर में शामिल कर दिया गया है। जिसमें बीके विरदी डीईटीसी, संयुक्त निदेशक जांच, जालंधर,एचएस बाजवा, एईटीसी, एक्साइज विंग, अमृतसर;मंजीत सिंह, एईटीसी, मोबाइल विंग, अमरसर; हरमीत सिंह, एईटीसी, ऑडिट, भटिंडा;हरजिंदर सिंह संधू, एईटीसी, फिरोजपुर;त्रलोक सिंह ईटीओ मोबाइल विंग, अमृतसर, पुष्पदीप सिंह, अधीक्षक, केंद्रीय जीएसटी,अमृतसर,और जालंधर से एक ट्रांसपोर्टर कैलाश सहित दो निजी व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।

Truckers set truck on fire in Punjab town to oppose ban on unions - The  Statesman

जानकारी के अनुसार, रैकेट में शामिल ईटीओ पंजाब में व्यापारियों तथा ट्रांस्पोर्टरों का माल स्टेट से बाहर तथा अंदर लाने के लिए व्यापारियों से मंथली रिश्वत लेते थे। जिसका बड़ा हिस्सा उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाता था। विजीलैंस ब्यूरो ने चार आबकारी अधिकारियों सहित छह व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद 21 अगस्त को मामले में प्राथमिकी एफआईआर दर्ज की थी।

Another excise official held in tax evasion case

उधर इस कारवाई को रुकवाने के लिए आबकारी विभाग के बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से मुलाकात कर इस कारवाई को रुकवाने की गुहार लगा चुके हैं। उनका तर्क है कि इस मामलें उन लोगों के भी नाम सामने आ सकते हैं जोकि सत्तापक्ष से जुड़े हुए हैं। फिलहाल इस मामले में कैप्टन अमरेन्द्र सिंह काफी गंभीर दिखाई दे रहे है जिसके चलते विजीलैंस विभाग के हौंसले बुलंद नजर आ रहे हैं। माना जा रहा कि इस स्कैंडल की लप्टे कई उंचे पद पर बैठे नेताओं तक भी पहुंच सकती है।