ट्रैफिक सिगनलस पर भिखारियों का कब्जा, बीएमसी, मिशन, फुटबाल, नकोदर,पटेल तथा ज्योति चौंक में सबसे ज्यादा भिखारी, यहीं होती हैं महिलाओं के साथ ज्यादातर छीनाझपटी की वारदातें

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अनिल वर्मा
शहरवासी इन दिनों ट्रैफिक सिगनलस पर भिखारियों को देखकर काफी चिंतित हैं। इनमें बड़ी संख्या नाबलिग बच्चों की हैं जोकि रेडलाईट पर खड़े वाहन चालकों को भावुक कर भीख मांगते हैं। फैस्टीवल सीजन में कई ट्रैफिक सिगनलस ऐसे भी हैं जहां बड़ी संख्या में भिखारी अपना कारोबार भी चलाते हैं। जानकारी अनुसार शहर के एक नेता की शह पर ट्रैफिक सिगनलस पर भिखारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये भिखारी हर फैस्टीवल सीजन में ही लाखों का कारोबार करते हैं। मगर जिला प्रशासन इस ओर कोई सख्त एक्शन नहीं ले रहा।

फैस्टीवल सीजन के चलते बाजारों में बड़ी गिनती में महिलाएं खरीददारी करने के लिए पहुंचती हैं जिनसे छीनाझपटी की वारदातें होना जालन्धर में आमबात सी हो गई है। जानकारी अनुसार छीनाझपटी करने वाले कई गैंग का ट्रैफिक सिगनल पर खड़े भिखारियों के साथ सीधा कनैक्शन है जोकि कई बार महिलाओं के साथ वारदात करके ट्रैफिक सिगनल पर भीख मांग रहे अपने गैंग के साथियों को छीना हुआ सामान थमा कर आगे भाग जाते हैं और मामला शांत होने के बाद उनसे सामान ले लेते हैं। जालन्धर के बाजारों में महिलाओं के साथ हुई छीनाझपटी की कई वारदातें अभी तक पुलिस से ट्रेस नहीं हो पाई हैं।

 

  • सबसे ज्यादा बीएमसी चौंक में बुरा हाल है मेरा दफ्तर इसी रोड पर है। दिन में कई बार चौंक से गुजरना पड़ता है हर बार कार के शीशे पर भिखारी सिक्का मांग कर जबरदस्ती पैसे मांगते हैं। ट्रैफिक पुलिस को इनके खिलाफ कारवाई करनी चाहिए- संजय सहगल

 

  • खरीददारी करने के लिए अक्सर ज्योति चौंक जाना पड़ता है यहां कई महिला भिखारी पर्स तक छीनने को करती हैं पास ही ट्रैफिक पुलिस का नाका है मगर वह कभी भी इन्हे नहीं रोकते। महक सिक्का

इस मामले में जल्द ही सख्त एक्शन लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर के किसी भी ट्रैफिक सिग्नल पर भिखारी नजर नही आएंगे

DCP Gurmeet Singh