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एक दशक में 7% की विकास दर से आगे बढ़ेंगे भारत समेत कई एशियाई देश, चीन हो सकता है मंदी का शिकार



वॉशिंगटन. अगले एक दशक के दौरान भारत समेत एशिया के कई देश 7% की विकास दर हासिल करके वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम करेंगे, लेकिन चीन इसमें शामिल नहीं है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 से विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली 7 अर्थव्यवस्थाओं में से पांच एशिया से होंगी। चीन की तुलना में भारत की तरक्की ज्यादा तेज होगी। 

इथोपिया और कोटे डी आवोरे की विकास दर होगी 7%

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व के 7 देश अगले एक दशक में तेजी से तरक्की करेंगे। एशिया की जो 5 अर्थव्यवस्थाएं अगले एक दशक में तेजी से आगे बढ़ेंगी, उनमें भारत, बांग्लादेश, वियतनाम, म्यांमार और फिलीपींस शामिल हैं। अन्य दो देश जो बेहतरीन विकास दर हासिल करके आगे बढ़ेंगे, उनमें अफ्रीका के इथोपिया और कोटे डी आवोरे शामिल हैं। 

विकास दर बढ़ने से सुधारों का मार्ग प्रशस्त होगा

ब्लूमबर्ग ने स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक के साथ मिलकर तैयार की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन सभी देशों की जीडीपी इस दौरान तेजी से आगे बढ़ेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मामलों में इन देशों के लोगों की हालत पूरी तरह से तब्दील हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास दर बढ़ने से इनकी आय में इजाफा होगा। इससे यहां सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर मौजूद असमानता दूर होने के साथ सुधारों का मार्ग प्रशस्त होगा। 

 
चीन की विकास दर 5.5% रहने का अनुमान

रिपोर्ट के अनुसार चीन की विकास दर 5.5% रहने का अनुमान है। पिछले चार दशकों से चीन इस लिस्ट में हमेशा शामिल रहा है, लेकिन आर्थिक मंदी की वजह से वह इस बार लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना सका है। चीन की अर्थव्यवस्था लगातार मंदी का शिकार हो रही है। 2017 में उसकी विकास दर 6.8% थी, जबकि 2018 में यह 6.6 तक सिमट गई। 

अमेरिका से चल रहे ट्रेड वॉर की वजह से चीन का नुकसान

एक अन्य रिसर्च कंपनी का दावा है कि अगले साल चीन की अर्थव्यवस्था के 6.2% रहने का अनुमान है। फिलहाल उसे सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका से चल रहे ट्रेड वॉर की वजह से हो रहा है। हालांकि, इस विवाद की वजह से पूर्वी एशिया के कुछ देशों को भी नुकसान होने की संभावना है।

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