जालन्धर : तहबाजारी विभाग के खिलाफ फूटा रेहड़ी वालों का गुस्सा..

  • पढ़े कैसे छलका बर्गर की रेहड़ी लगाने वाले का दर्द..

 

अनिल वर्मा
कोरोना महामारी दौरान भीड़ कंट्रोल करने के लिए जालन्धर में नाईट कर्फ्यू लगाया गया है जिसकी सबसे अधिक मार उन रेहड़ी लगाने वालों पर पड़ी है जो देरशाम अपना धंधा शुरु करते हैं। मगर चंद ही घंटों में कारोबार कर्फ्यू के कारण बंद करना होता है। मगर निगम के तहबाजारी विभाग ने अपनी वसूली में एक पैसा भी रियायत नहीं की। तहसील के बाहर बर्गर की रेहड़ी लगाने राहुल का दर्द उस वक्त छलक गया जब तहबाजारी विभाग के इंस्पैक्टर ने पर्ची कटवाने के लिए कहा जब रेहड़ी वाले ने कहा कि उसने कल से ही रेहड़ी लगानी शुरु की है उसे एक महीने का समय दो मगर इंस्पैक्टर ने उसी समय सिलैंडर जब्त करने की धमकी दे दी जिसके बाद रेहड़ी चालक ने आसपास लगी रेहड़ियों से पैसे इकट्ठे करके 2000 हजार की पर्ची कटवाई और अपनी जान छुड़वाई।

रेहड़ी चालकों ने नगर निगम कमिश्नर तथा डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थौरी से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि प्रशासन को इस दुख की घड़ी में गरीब लोगों का साथ देना चाहिए क्योंकि इस वक्त सबसे अधिक मार निचले तबके के लोग झेल रहे हैं। उन्होने कहा कि महामारी के चलते तहबाजारी की महीनावार फीस की रकम को आधा किया जाए नहीं तो आने वाले दिनों में रेहड़ी चालक प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।