जालंधर : 2 लाख दलित स्टूडेंट्स के रोल नंबर रोकने के बाद सड़कों पर उतरे छात्र

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पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का बवाल फिर बढ़ने लगा है। कॉलेज-यूनीवर्सिटी संचालकों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) ने स्कॉलरशिप की रकम न मिलने पर 2 लाख दलित स्टूडेंट्स के रोल नंबर रोकने की घोषणा कर दी। इससे स्टूडेंट्स भड़क उठे और मंगलवार को जालंधर के DC ऑफिस के बाहर कमेटी का पुतला फूंका।

इसके बाद वो DC से मिलने जाने लगे तो पुलिस ने कुछ नेताओं को छोड़ बाकी को मेन गेट पर रोक लिया। जिसके बाद उनकी पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई और वो DC ऑफिस के अंदर घुस गए। जहां उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ADC जसबीर सिंह ने कहा कि जिस स्टूडेंट का रोल नंबर रोका गया, वो हमें लिखित शिकायत दें, ऐसे कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

ज्वाइंट एक्शन कमेटी का पुतला फूंकते स्टूडेंट्स। उन्होंने कमेटी पर केस की मांग की।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी का पुतला फूंकते स्टूडेंट्स। उन्होंने कमेटी पर केस की मांग की। स्टूडेंट नेता नवदीप दकोहा ने कहा कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने 2 लाख स्टूडेंट्स के रोल नंबर रोक उन्हें एग्जाम में न बैठने देने की घोषणा की है। इससे स्टूडेंट्स में आक्रोश फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर कोई स्कीम दे रही है तो उसे ढंग से लागू करे। अगर साल के 365 दिन में से 100 दिन हमें धरना देना पड़ेगा तो सरकार बताए कि दलित स्टूडेंट्स कैसे दूसरों का मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को हमने एक कॉलेज से शुरुआत की है और इसे आगे बढ़ाएंगे। अगर सरकार न जागी तो इसका खामियाजा उसे 2022 में होने वाले चुनावों में दलित समाज की नाराजगी से भुगतना पड़ेगा।

इस मौके पर स्टूडेंट्स ने राजनीतिक दलों पर भी खूब भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि कोई दलित CM तो कोई दलित डिप्टी CM की बात कह रहा है, लेकिन उनकी परेशानी में कोई साथ नहीं दे रहा। पंजाब में सरकार चला रही कांग्रेस पार्टी के नेता ही ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेता बने हुए हैं और रोल नंबर रोकने का ऐलान कर रहे हैं। इस दोहरे चरित्र को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पंजाब सरकार दलित स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप देती है। पहले यह कॉलेज-यूनीवर्सिटी के खाते में जाती थी, लेकिन बाद में स्टूडेंट के खाते में भेजी जाने लगी। कई स्टूडेंट ऐसे हैं, जो पढ़ाई पूरी कर जा चुके हैं। ऐसे में कॉलेज वालों ने उनके डॉक्यूमेंट्स रोक लिए हैं कि वो पहले स्कॉलरशिप की राशि जमा कराएं। स्टूडेंट्स की परेशानी यह है कि सरकार की तरफ से यह राशि मिली ही नहीं तो कॉलेज को कहां से दें?। इसी को लेकर मामला उलझा हुआ है