तीन सालों दौरान 50 करोड़ का घाटा खाने के बाद निगम ने मानी गल्ती,अब अपनी इज्जत बचाने के लिए हाऊस मीटिंग में रखा यह प्रस्ताव

अनिल वर्मा
50 करोड़ का घाटा खाने के बाद निगम प्रशासन ने शहर में विज्ञापन लगाने के ठेके को अब चार जोन में बांटने के लिए हाउस में प्रस्ताव पेश करने का फैसला लिया है। इस प्रस्ताव पर 18 जनवरी को होने वाली हाउस मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। बता दें कि निगम की सत्ता पर काबिज होने के बाद यह टैंडर हर बार नेताओं की आपसी कलह के कारण सिरे नहीं चढ़ पाया। 18 करोड़ से शुरु हुए इस टंैडर की रकम अब करीब आधी रह गई मगर फिर भी इसे लेने के लिए कोई फर्म आगे नहीं आ रही।

विज्ञापन शाखा की चेयरमैन नीरजा जैन ने इस टैंडर को चार जोनों में बांटने के लिए पिछले चार महीने पहले सुझाव दिया था मगर सुपरीडैंट मंदीप सिंह ने सरकार द्वारा बनाई पालिसी वन सिटी वन टैंडर का हवाला देते हुए इसे लटका दिया था। मगर अब दोबारा मेयर जगदीश राजा के हस्तक्षेप के बाद इस टैंडर को चार जोनों में बाटने का प्रस्ताव पेश किया जा रहा है।

अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो यह जालन्धर के चारो विधानसभा क्षेत्रों में बांटा जाएगा। फिलहाल इन जोनो में टैंडर की क्या अमांऊट रखी जाएगी और कितने यूनिपोल अलाट किए जाएगे इस पर फैसला बाकी है। जानकारी अनुसार सबसे पहले लगाए गए टैंडर में 105 यूनिपोल रखे गए थे मगर अब यूनिपोल की संख्या 250 के करीब कर दी गई है। तांकि किसी तरह टैंडर सिरे चढ़ सके।