प्राइवेट स्कूलो द्वारा लगाई एड्मिशन फीस एवं मासिक फीस को माफ करवाने के लिए भाजपा नेता ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार

जालंधर:  केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार एकजुट होकर हिंदुस्तान मे करोना वायरस के खिलाफ जंग मे जनता को आर्थिक एवं हर प्रकार की सहायता देने का कार्य युद्ध स्तर पर कर रही परंतु देश के प्राइवेट शिक्षण संस्थानो एवं कुछ प्राइवेट डॉक्टर हॉस्पिटलो के मालिक जनहित मे जनता एवं सरकार का सहयोग करने के लिए आगे नही आ रहे है

जिसके चलते भाजपा नेता अशोक सरीन सरीन ने प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी को ट्वीट एवं पत्र लिख देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के माध्यम से देश मे चल रही गंभीर स्तिथि की वजह से सभी प्राइवेट, सरकारी स्कूलो,कॉलेज,यूनिवर्सिटीयो की एड्मिशन फीस एवं तीन महीने की मासिक फीस माफी की गुहार लगाई। 

प्राइवेट स्कूल मे एक बच्चे की एडमिशन फीस करीब चालीस हज़ार और तीन हज़ार मासिक फीस है।इतने मुशकिल समय मे इतने पैसे दे पाना हर परिवार के लिए मुशकिल है।फिर भी अभिभावको को बच्चे की एडमिशन करवाने हेतु निजी स्कूलो के संदेश आ रहे जिसकी वजह से जनता काफी परेशान है।

इसीलिए भारत के सभी अभिभावको को बच्चे की शिक्षा के प्रति निश्चिन्त करने हेतु प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।सरीन ने अपने पत्र मे दूसरा महत्वपूर्ण विषय देश मे अपनी ओ.पी.डी,हॉस्पिटल बंद कर घरों मे बैठे कुछ निज़ि डॉक्टरो को जनहित मे बाहर निकल बिना किसी फीस के क्लीनिक,हॉस्पिटल खोल ओ.पी.डी शुरू करने की अपील केंद्रीय स्वास्थ मंत्री हर्षवर्धन द्वारा इंडियन मैडिकल काउन्सिल के माध्यम से देश मे लागू करवाने को लिखा है।

जिसकी वजह से जनता मे फैल रहे बेवजह के खौफ को ख़त्म किया जा सके। सरीन ने देश के सभी मौजूदा एवं पूर्व सरकारी गजटड अफ़सर,सांसद,विधायक एवं पार्षद से अपील कर कहा कि यह सब लोग कम से कम एक महीने का मासिक वेतन सरकार से ना लेने का एलान कर करोना की लड़ाई मे देश की सरकार का आर्थिक सहयोग करे ।

 

सरीन ने देश के अन्य सरकारी गैर-सरकारी संस्थाओं एवं अन्य क्षेत्रो मे उच्च पदो पर कार्य करने वाले अधिकारी को अपनी समर्था के अनुसार वेतन देकर इस महामारी मे सरकार का आर्थिक सहयोग करे।