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5 राज्यों के प्रमुख एक मंच पर, कैप्टन बोले-सीमा पार के नशे से निपटना एक राज्य के बस की बात नहीं



चंडीगढ़ में सांझी बैठक में शामिल पंजाब-हरियाणा समेत उत्तर भारत के पांच प्रमुख राज्यों के सीएम।

चंडीगढ़ में गुरुवार को उत्तर भारत के पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक सांझी बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य उत्तर भारत में नशे पर लगाम कसना है। इस दौरान हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्‌टर ने प्रदेश में हरियाणा कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट को जल्द ही लागू करने की बात कही, वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की सीमा के क्षेत्र को देखते हुए एक राज्य का इससे निपटना संभव नहीं है, इसलिए इसमें सभी राज्यों के सहयोग की जरूरत है।

असल में नशे की बुराई उत्तर भारत में एक नासूर का रूप ले चुकी है। इससे संबंधित सभी राज्य अपने स्तर पर नशा रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सामूहिक तौर पर किए प्रयास नजर नहीं आए। इसीलिए जहां बार पहले भी सांझे तौर पर चर्चा हो चुकी है, वहीं गुरुवार को दूसरी बार संयुक्त बैठ हुई।

चंडीगढ़ में सभी राज्यों के प्रमुखों ने इस बुराई को दूर करने के लिए सांझा रणनीति पर मंथन किया। इस संयुक्त बैठक में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्‌टर, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर व उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे, वहीं चंडीगढ़, दिल्ली व जम्मू-कश्मीर के अधिकारी भी शामिल हुए।

बैठक का संचालन पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया, जिस दौरान यहां मौजूद तमाम वरिष्ठों ने उत्तर भारत में बढ़ते नशे को रोकने के संयुक्त प्रयासोंं पर बल दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वह अपने राज्य में हरियाणा कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (HRCOCA) को जल्द लागू करेंगे। इससे संगठित अपराध, बढ़ती गैंगस्टर्स व नशा तस्करी पर लगाम कसेगी। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया।

उन्होंने राज्यों की सीमाओं पर नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान का प्रस्ताव रखा। कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान भारत में नार्को टैरेरिज्म को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान की सीमा क्षेत्र को देखते हुए एक राज्य का इससे निपटना संभव नहीं है, इसलिए इसमें सभी राज्यों के सहयोग की जरूरत है।

कैप्टन ने राष्ट्रीय ड्रग्स नीति बनाने का सुझाव भी दिया। अटारी (अमृतसर) में इंटीग्रेटेट चेक पोस्ट (आईसीपी) पर पिछले महीने नशे की भारी जब्ती की ओर इशारा करते हुए कहा कि नशा तस्करी संगठित कारोबार के रूप में की जा रही है। कैप्टन अमरिंदर ने एनसीबी, बीएसएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय और संयुक्त संचालन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी पड़ोसी राज्यों में दवा कारखानों पर नकेल कसने का आह्वान करते हुए कहा कि अवैध सिंथैटिक दवाओं का निर्माण करने वाली इकाइयों को पहचान की जानी चाहिए।