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4 दिन-रात से 120 फीट नीचे बोरवेल में फंसा है 2 साल का फतेहवीर, आज है जन्मदिन



संगरूर जिले के गांव भगवानपुरा में 120 फीट गहराई में बोरवेल में फंसे नन्हे फतेहवीर सिंह को कुछ ही देर में रेस्क्यू कर लिया जाएगा। 6 जून की शाम करीब पाैने 4 बजे फतेहवीर सिंह खेलते-खेलते 150 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा था। तभी से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी, एनडीआरएफ और आर्मी की टीम रेस्क्यू में लगी हैं। प्रशासन और डॉक्टर्स की टीम भी मौजूद है।

फतेहवीर, सुखविंदर की इकलौती संतान है। सुखविंदर सिंह और गगनदीप कौर की शादी करीब 7 साल पहले हुई थी। पांच साल की मन्नतों के बाद जन्मा फतेहवीर सिंह 10 जून को 2 साल का हो जाएगा। गुरुवार 6 जून की शाम करीब पौने 4 बजे फतेहवीर खेलते-खेलते पास ही स्थित 9 इंच चौड़े और 150 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा था। मां गगनदीप कौर की नजर उस पर पड़ गई थी और उसने बच्चे को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन पाइप पर ढके प्लास्टिक के जिस कट्‌टे पर बच्चे का पैर पड़ा था, उसका महज एक छोटा सा टुकड़ा ही गगनदीप कौर के हाथ में आया।

बोरवेल के बगल में बनाई गई टनल

डेरा सच्चा सौदा द्वारा संचालित ग्रीन एस वेलफेयर सोसायटी के 800 के ज्यादा वाॅलंटियर्स, एनडीआरएफ और आर्मी की 119 असॉल्ट इंजीनियरिंग टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं। इस बोरवेल के ठीक बगल में 41 इंच की एक टनल तैयार की गई। मशीनों से काम करना मुश्किल होने पर हाथाें से खुदाई की गई। बाल्टियों और तसलों की मदद से खोदी गई मिट्‌टी को बाहर निकाला गया। रविवार रात भी रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई। पैरलल टनल और बच्चे वाले बोरवेल को जोड़ने के लिए की गई खुदाई थोड़ी गलत दिशा में चली गई। हालांकि, रातभर मेहनत कर रेस्क्यू टीम बोरवेल तक पहुंची। पाइप को काटा भी गया, लेकिन इसमें नीचे रेत भरी मिली। फतेहवीर इस रेत के ऊपर है और अब रेत को निकाला जा रहा है। संभावना है कि ढाई बजे के करीब फतेहवीर सिंह को रेस्क्यू कर लिया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री रखें हैं नजर

घटनस्थल पर पीजीआईएमएस चंडीगढ़ की टीम समेत कई डॉक्टर मौजूद हैं। साथ ही आसपास के लगभग हर अस्पताल में एक कमरा वेंटीलेटर के साथ रिजर्व रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू इस मसले पर पूरी निगाह रखे हुए हैं। उनके दिशा-निर्देश के मुताबिक वेंटीलेटर लगी एंबुलेंस में फतेहवीर को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ले जाया जाना है। वहां 10 डॉक्टर्स हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार बर तैया हैं।

 

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