चुनावी ड्यूटी पर तैनात मुलाजिमों के साथ नगर निगम जालन्धर ने किया धौखा, एआरओ आशिका जैन ने दी सफाई..

नगर निगम जालन्धर ने इस बार चुनाव आयोग की आंखों में धूल झौंककर चुनावी ड्यूटी पर तैनात हजारों मुलाजिमों के साथ धौखा किया है। यह धौखा कोई और नहीं बल्कि दोपहर के खाने का है जिसका पैसा चुनाव आयोग द्वारा दिया गया था और मुलाजिमों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी नगर निगम जालन्धर की थी। इस जिम्मेदारी को एआरओ कम ज्वाईंट कमिशनर आशिका जैन निभा रही थी जिन्होने खाना बाहर से मंगवाने की बजाए गुरुद्वारे से मंगवा दिया और यही खाना ड्यूटी पर तैनात हजारों मुलाजिमों को खिला दिया गया। सवाल यह है कि आखिर जो पैसा चुनाव आयोग ने भेजा था उसका आशिका जैन ने आखिर क्या किया?

जी हां, मतदान से ठीक एक दिन पहले आदमपुर विधानसभा हलका 038 में भोजन घोटाला सामने आया है. यहां लगभग दो हजार मतदानकर्मियों को गुरुद्वारे से लंगर मंगाकर खिला दिया गया जबकि चुनाव आयोग की ओर से इन कर्मचारियों के भोजन के लिए अलग से राशि का भुगतान किया जाता है.

जानकारी के मुताबिक, आज केएमवी कॉलेज में विधानसभा हलका 038 आदमपुर के मतदानकर्मियों को मतदान सामग्री देने के लिए बुलाया गया था. इस दौरान उन्हें दोपहर का भोजन कराया गया. बताया जाता है कि यह भोजन गुरुद्वारा तल्हण साहिब से मंगाया गया था. इसमें काली दाल, आलू-शिमला मिर्च की सब्जी और रोटियां थीं.

दिलचस्प बात यह है कि असिस्टेंट रिटर्निंग अफसर को यह भी नहीं पता कि कर्मचारियों का भोजन कहां से आया है. इसे लेकर कई मतदानकर्मियों में रोष देखने को मिला. नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि चुनाव अयोग की ओर से प्रीजाइडिंग अफसर को दो हजार रुपये और पोलिंग अफसर को 15 सौ रुपये चुनाव ड्यूटी के लिए दिया जाता है. वहीं खाने का पैसा इसके अतिरिक्त दिया जाता है फिर गुरुद्वारे से लंगर मंगाकर कर्मचारियों को क्यों खिलाया गया?

 

      वहीं, इस संबंध में जब एआरओ आशिका जैन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि खाना गुरुद्वारे से मंगाया गया है या कहीं और से इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है. मैं अभी पता करके बताती हूं. उन्होंने आगे कहा कि खाना अगर गुरुद्वारे से भी मंगाया गया होगा तो उसका नियमानुसार भुगतान किया गया होगा. मैं भुगतान पर्ची की कॉपी आपको भेज देती हूं. उन्होंने कहा कि खाने की क्वालिटी में कोई खराबी नहीं है. मैं खुद वही खाना खा रही हूं केएमवी कॉलेज प्रिंसिपल के कमरे में बैठकर. आप चाहें तो आकर देख सकते हैं.बहरहाल, नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर आशिका जैन के खाते में भोजन घोटाला दर्ज हो गया है. अब देखना यह है कि लाखों रुपये के इस घोटाले के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग कोई एक्शन लेते हैं अथवा नहीं.