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पुरानी गाड़ियों को नया नंबर लगा कर बेचने का गोरखधंधा बेनकाब 



 आपने नई कार खरीदी है या खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं और ठीक से जांच कर लें। अन्‍यथा ऐसा न हो कि डीलर आपको नई के नाम पर पुरानी कार न बेच दे। इस संबंध में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने यहां दूसरे राज्यों से सेकेंड हैंड कारें खरीदकर पंजाब में नई कार के रूप में बेचने के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सेंकेंड हेंड कारों को गलत तरीके से ट्रांसपोर्ट विभाग में रजिस्टर्ड करवाकर बेचता था। इस गोरख धंधे के तार दिल्‍ली व महाराष्‍ट्र सहित कई राज्‍यों से जुड़े हुए हैं।

दूसरे राज्यों से कारें खरीद जाली चेसी नंबर लगा बेचते थे, कार डीलर गिरफ्तार

पुलिस ने एक कार डीलर को गिरफ्तार किया है। अन्‍य आठ आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान रशपिंदर सिंह उर्फ सोनू के रूप में हुई। वह धूरी में सोनू कार बाजार के नाम से कारोबार करता है। पुलिस ने आरोपित से जाली आधार कार्ड भी बरामद किए हैं।

पुलिस ने आठ पर केस दर्ज किया, चार करोड़ कीमत की 93 कारें बरामद

रूपनगर के एसएसपी स्वपन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 93 कारें बरामद की हैं, उनमें एक मर्सिडीज भी शामिल है। वाहनों की कुल कीमत चार करोड़ रुपये है। इस फर्जीवाड़े में दिल्ली, होशियारपुर, संगरूर और पटियाला के कार डीलरों की शामूलियत सामने आई है। वहीं फर्जीवाड़े में फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन, संगरूर और मोगा के ट्रांसपोर्ट विभाग दफ्तर सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इन ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के क्लर्कों की मिलीभगत से यह गिरोह कारों के चेसी नंबर में फेरबदल करके उन्हें नई गाड़ी के रूप में ट्रांसपोर्ट विभाग में रजिस्टर्ड करके लोगों को बेच देता था। गिरोह के सदस्य महाराष्ट्र व दिल्ली से दो से ढाई लाख रुपये में गाड़ी लाकर यहां पांच या साढ़े पांच लाख तक बेच देते थे। इसमें वो न तो एनओसी संबंधित राज्य से लेते थे और न ही पंजाब में आकर वाहन का नंबर ट्रांसफर करवाते थे।

फर्जीवाड़े में दिल्ली, होशियारपुर, संगरूर व पटियाला के कार डीलर शामिल

इस तरह आरोपित एक गाड़ी पर करीब दो लाख रुपये बचा लेते थे। वे सीधे ही ट्रांसपोर्ट विभाग के क्लर्कों से मिलीभगत कर सेकेंड हैंड कार को नई कार के रूप में रजिस्ट्रेशन करवा लेते थे। गिरोह दो साल से पंजाब में यह धंधा कर रहा है। एसएसपी ने कहा कि आरोपित ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के क्लर्कों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। उनकी पहचान की जा रही है।

महाराष्‍ट्र व दिल्‍ली सहित कई राज्‍यों से कम कीमत पर कार खरीद उसे नया बनाकर बेचते थे

एसएसपी ने बताया कि गिरोह महाराष्ट्र व दिल्ली से सेकेंड हैंड कारें खरीदकर चेसी और इंजन नंबर बदलकर दूसरे राज्य के कार डीलरों को बेच देते थे। इस मामले में ज्यादातर सेकेंड हैंड कारें महाराष्ट्र से काफी कम मूल्य पर खरीदी गईं हैं। विभिन्न राज्यों के कार डीलरों ने टोयोटा के पांच हजार वाहन खरीदे हैं। इनमें से करीब 1500 वाहन पंजाब में बेचे गए।

रूपनगर पुलिस ने अब तक ऐसी 93 कारें बरामद की हैं। इनमें 85 कारें इटियोस, दो इनोवा, दो रिट्ज, तीन स्विफ्ट डिजायर और एक मर्सिडीज शामिल हैं। रूपनगर पुलिस ने इन कारों को सीआइए स्टाफ दो और चमकौर साहिब पुलिस स्टेशन में पार्क किया हुआ है, क्योंकि इतने कारें खड़ी करने के लिए पुलिस के पास जगह की दिक्कत आ रही है।

ट्रांसपोर्ट विभाग के केंद्रीयकृत डाटा में खामियों का उठाते हैं फायदा

आरोपित से प्राथमिक पूछताछ में मालूम  चला है कि ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से बनाए गए केंद्रीयकृत डाटा में खामियां हैं। इसका फायदा गिरोह उठा रहा है। यही नहीं, वाहन थ्री और वाहन फोर सॉफ्टवेयर में भी कुछ खामियां हैं, जिनका इस गिरोह ने फायदा उठाया। एसएसपी ने बताया कि कितने राजस्व का नुकसान हुआ, यह जानने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग व संबंधित जिलों से संपर्क किया जा रहा है। अगर केंद्रीयकृत डाटा में हरेक वाहन की मुकम्मल जानकारी अपलोड हो तो कोई भी कर्मचारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ नहीं कर सकता।