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ड्रग तस्कर भाइयों पर रेड, खेत में दबाया 1 करोड़ कैश जब्त, 2 किलो हेराेइन भी मिली



STF recovered one crore cash buried in the farming land and 2 KG heroine

पठानकोट. लुधियाना एसटीएफ ने रविवार को ड्रग तस्करी के आरोप में मंड व आबादगढ़ स्थित 3 भाइयों के रिहायशों ठिकानों पर रेड की। इस दौरान खेत की खुदाई में एक करोड़ रुपए से ज्यादा कैश बरामद हुआ है। 2 किलो हेरोइन, हथियार व कार भी कब्जे में ली गई है। तरनतारन का कुख्यात तस्कर बलविंदर (बिल्ला) को अरेस्ट किया गया है। दो भाई फरार हैं। पिछले सितंबर को लुधियाना में हेरोइन तस्करी में अरेस्ट जम्मू के दंपति मो. अरबी और जमीला से मिले इनपुट पर यह कार्रवाई की गई। तीनों तरनतारन के हैं और अमृतसर में भी इनकी जमीनें हैं। पुलिस के अनुसार बिल्ला तरनतारन का ए-ग्रेड तस्कर है। पिछले 10 साल में करोड़ों की खरीद फरोख्त की, जिस कारण ये राडार पर थे। खुदाई से ड्रग मनी मिलने का यह दूसरा मामला है। सितंबर 17 में गांव निहाला खिलचा (फिरोजपुर) में तस्कर जोगिंदर के घर की खुदाई में 70 लाख बरामद हुए थे।

1990 के दशक में हेरोइन, अफीम व सोने की स्मगलिंग के लिए चर्चा में रहने वाला तरनतारन का पाक सीमा से सटा गांव हवेलियां एक बार फिर चर्चा में है। यहां के जिन स्मगलरों को पुलिस थाना सराए अमानत खां के रिकार्ड में या तो यहां से शिफ्ट हुआ या खामोश बताया गया था अब उनके नाम पाक से होने वाली बड़ी ड्रग ट्रेड में सामने आने लगा है। रविवार को लुधियाना एसटीएफ की तरफ से हेरोइन तस्कर दंपति से पूछताछ के बाद पठानकोट के मिरथल एरिया में गिरफ्तार 2 किलो हेरोइन व एक करोड़ से ज्यादा की ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार कुख्यात तस्कर बलविंदर सिंह बिल्ला भी इनमें से एक है। जो गांव छोड़ पठानकोट के आबादगढ़ में ड्रग नेटवर्क चला रहा था। बिल्ला 90 के दशक का गांव हवेलियां का मशहूर स्मगलर रहा है, जो भाइयों से मिलकर पाक से हेरोइन की स्मगलिंग किया करता था।

82 तस्करों की सूची में तीसरे नंबर पर रहा है बिल्ला

सबसे पहले थाना सराय अमानत खां में एफआईआर नंबर 15 1992 में जनरल स्मगलिंग की धारा के तहत दर्ज हुई थी। 2002 तक इस पर एक के बाद एक पुलिस ने 5 केस दर्ज किए। मगर हर बार शातिर बिल्ला पुलिस से बच निकलता था। सराय अमानत खां थाने में के 82 ड्रग समगलरों में से टॉप कैटागरी के 21 समगलरों में से बिल्ला का नाम तीसरे नंबर पर है और दसवें नंबर पर इसके भाई का। इसके साथ ही सूची में इनका स्टेट खामोश और खेतीबाड़ी करना लिखा हुआ है। मगर यह शातिर अपराधी पठानकोट के आबादगढ़ से पाक स्मगलरों से मिलकर हेरोइन का नेटवर्क चलता रहा। यहां से इनसे पिछले दस साल में करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई।

सरपंच भी रह चुका है बिल्ला

तस्कर बिल्ला गांव का सरपंच भी रहा है और इसकी जमीन तारबंदी के पार है। इसी का फायदा उठाकर तस्करी शुरू की। पुलिस की नजर में आ गया तो कुछ समय खामोश रहकर खेतीबाड़ी शुरू कर दी। पुलिस को यकीन हो गया कि वह फिर पाक में पुराने नेटवर्क को एक्टिव किया और हेरोइन तस्करी में जुट गया। इसमें इसके भाई और इसका एक साथी रविंदर रवि भी इसका साथ देते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रवि को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पता चला है कि हवेलियां गांव के कुख्यात तस्कर गुरजंट सिंह भोलू को मोहाली पुलिस ने दो साथियों समेत पकड़ा था। कारबाइन, हेरोइन और भारी मात्रा में हथियार मिले थे। भोलू से पूछताछ के बाद तरनतारण व श्रीगंगानगर के बीएसएफ के दो जवान पकड़े गए थे जो भोलू की पाक से आने वाली कंसाइनमेंट में मदद करते थे।

532 किलो हेरोइन केस में है चीता आरोपी

कुख्यात तस्कर बिल्ला को तो पुलिस ने पकड़ लिया, मगर जून महीने में बाघा सीमा के जरिए नमक की बोरियों में छिपाकर आई 532 किलो हेरोइन के मामले में गांव हवेलियां के ही कुख्यात तस्कर चीता को पुलिस अब भी ढूंढ रही है। इसे अमृतसर देहाती पुलिस ने नामजद किया है व कस्टम को भी इसकी तलाश है। अब तक की जांच पड़ताल में चीता को ही इस अब तक की पंजाब की सबसे बड़ी हेरोइन की खेप का मास्टर माइंड माना जा रहा है।