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जेल मुलाजिमों और कैदियों से ढाई घंटे पूछताछ, मंत्री भी रख रहे नजर



सेंट्रल जेल में हुए गोली कांड को लेकर रविवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट समेत तीन अधिकारियों की टीमें पहुंची। करीब ढ़ाई घंटे तक जेल में रहे अधिकारियों ने मुलाजिमों और कैदियों से पूछताछ की। वहीं, जेल में लगातार फ्लैग मार्च कर हालात भी जाने गए। अधिकारी जल्द रिपोर्ट देने वाले हंै। 

जेल के मामले में तीन अलग-अलग इंक्वायरियां लगाई गई हैं, जिसे बड़े अधिकारियों को ही सौंपा गया है। सीएम के निर्देशों के बाद जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा भी मामले में  नजर बनाएं बैठे हैं, ताकि अधिकारियों की रिपोर्ट के बारे में पता चल सके।   उधर, 72 घंटे बाद भी जेल प्रशासन ने कैदियों को बैरकों से बाहर नहीं आने दिया। वहीं खाना भी दिया। क्योंकि पुलिस को आशंका है कि कहीं बाहर आने के बाद वो दोबारा कोई एेसा हंगामा न खड़ा कर दें।

तीन अलग-अलग इंक्वायरी तीन बड़े अफसरों को

1. मजिस्ट्रेट के पास गोली की इंक्वायरी… उक्त मामले में सबसे पहली इंक्वायरी मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से मारे गए अजीत सिंह के मामले की है। इसकी जांच ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट हुसनजीत सिंह बाजवा को सौंपी गई है। रविवार को उसी की जांच के लिए वो जेल में पहुंचे। वो चैक करेंगे कि अजीत को गोली किन परिस्थितियों में और कैसे लगी। गोली सीधी चलाई गई या फिर वो कहीं से टकराकर उसे लगी। इन सभी तथ्यों को मैजिस्ट्रेट बाजवा चैक करेंगे।

2. हालातों की रिपोर्ट देंगे डिप्टी कमिश्नर…  जेल में तीन दिन पहले जो स्थिति बनी वो किन परिस्थितियों में बनी। उसके जिम्मेदार कौन-कौन है। इसके साथ ही वहां हुए नुकसान के बारे में पड़ताल डीसी प्रदीप अग्रवाल कर रहे है। लिहाजा वो भी पड़ताल के लिए अपनी अलग रिपोर्ट बना रहे है। उन्होंने जेल का मुआयना किया। कहां से मामला भड़का और फिर क्या-क्या कैसे हुआ ये सब डीसी अपनी रिपोर्ट में लिखेंगे। 

3. प्लानिंग का खुलासा करेंगे डीसीपी… जेल में गैंगस्टरों द्वारा प्लानिंग कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल है और हथियार कैसे व कब जुटाए गए? इसके अलावा एसीपी पर हमला किसने किया? इन सभी चीजों की इंक्वायरी रिपोर्ट डीसीपी अश्वनी कपूर देंगे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जेल के कुछ मुलाजिमों से पूछताछ की और कैदियों से भी बात की। जिसके बाद दोनों के बयान भी नोट किए गए। इसके बाद मुलाजिनों की टीम के साथ जेल में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने दीवारों की चैकिंग की और बैरकों के बाहर भी सर्च किया। इसके अलावा जेल के बाहरी दीवारों पर खड़े मुलाजिमों की ड्यूटी चैक करते हुए लगातार पेट्रोलिंग के लिए कहा।